Home »Market »Commodity »Gold Silver» Gold And Oil Prices Will Decrease, 'Cascade'

सोने और तेल की कीमतों में गिरावट से घटेगा 'कैड'

सोने और तेल की कीमतों में गिरावट से घटेगा 'कैड'

रिपोर्ट
नोमुराने इससे पहले वर्ष2013 में चालू खाते का घाटा 5.3% रहने का अनुमान जताया था
सोनेके आयात बिल में 8 अरब डॉलर और तेल आयात बिल में 9 अरब डॉलर की कमी संभव
महंगाईदर से दबाव कम होगा, रिजर्व बैंक 2013 में दे सकता है दरों में 0.75%तक ढील

भलेही सोने की कीमतों में भारी गिरावट से निवेशकों का एक बड़ा वर्ग सकते में है, लेकिन इससे देश के चालू खाते के घाटे (कैड) को कम करने में बड़ी मदद मिलेगी।

ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट से भारत चालू खाते के घाटे को नियंत्रित करने में कामयाब रहेगा। नोमुरा के मुताबिक वर्ष2013 में देश का चालू खाते का घाटा करीब एक फीसदी घटकर जीडीपी का 4.3 फीसदी रह सकता है।

नोमुरा ने कहा है कि सोने और क्रूड ऑयल की कीमतें मौजूदा निचले स्तर पर बनी रहती हैं तो चालू खाते का घाटा उसके पूर्व अनुमान 5.3 फीसदी के मुकाबले करीब एक फीसदी कम इस वर्ष रहेगा। हालांकि रिपोर्ट में कहा गया है कि चालू खाते का घाटा अब भी काफी ऊंचा रह सकता है और यह चिंता का विषय बना रहेगा।

गौरतलब है कि 2012-13 की दिसंबर तिमाही में चालू खाते का घाटा जीडीपी के 6.7 फीसदी तक को छू गया था। सरकार के लिए यह चिंता का कारण बन गया था और साफ था कि वित्त वर्ष 2012-13 में यह 5 फीसदी से ऊपर ही रहेगा।

पिछले एक पखवाड़े में सोने और क्रूड ऑयल की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। इससे बड़ी राहत मिली है क्योंकि इन दोनों कमोडिटी के आयात बिल में भारी कमी दर्ज की जाएगी। नोमुरा ने कहा है कि इस गिरावट का सबसे ज्यादा फायदा भारत को हुआ है।

इससे थोक मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई दर में भी गिरावट आएगी। चालू खाते का घाटा कम होगा और सरकार के पेट्रोलियम पदार्थों एवं उर्वरक पर सब्सिडी बिल में भारी कमी आएगी।

इससे सरकार को थोड़ी राहत तो जरूरी मिलेगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि सोने के आयात बिल में 8 अरब डॉलर की कमी आएगी और कम मात्रा में सोना आयात होने का फायदा भी मिलेगा। इसी तरह क्रूड ऑयल की कीमतों में भी 10 डॉलर प्रति बैरल तक की गिरावट से भी तेल आयात के बिल में 9 अरब डॉलर तक की कमी आएगी।

महंगाई के बारे में रिपोर्ट में कहा गया है कि सोने और तेल की कीमतें कम होने और स्थिर मुद्रा से लागत का दबाव कम होगा और थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति में कमी आएगी। इससे रिजर्व बैंक को मौद्रिक दरों में राहत देने में मदद मिलेगी और 2013 में वह 0.75 फीसदी तक की कमी मौद्रिक दरों में कर सकता है।

Recommendation

    Don't Miss

    NEXT STORY