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अगले सीजन में 7.5 लाख टन गेहूं निर्यात के सौदे

वैश्विकबाजार में ऊंचे भाव का फायदा उठाने के लिए निर्यातक नए सीजन में गेहूं निर्यात के बड़े सौदे कर रहे हैं। कारोबारी सूत्रों के अनुसार अगले सीजन के लिए निर्यातक करीब 7.5 लाख टन गेहूं निर्यात के सौदे कर चुके हैं। नए सीजन के गेहूं की कटाई अगले महीने मार्च में शुरू हो जाएगी।

प्राइवेट ट्रेडर नए सीजन में करीब 5 से 7.5 लाख टन तक गेहूं निर्यात के सौदे कर चुके हैं। ये सौदे 295-300 डॉलर प्रति टन (एफओबी) के भाव पर हुए हैं। प्राइवेट ट्रेडर नए सीजन के सौदे करने में मशगूल है जबकि सरकार अपने गोदाम खाली करने के लिए उन्हें निर्यात की अनुमति देने पर अभी विचार ही कर रही है।

सरकार गोदाम खाली करने के लिए निर्यात के लिए व्यापारियों को गेहूं देने पर विचार कर रही है। व्यापारियों ने गेहूं निर्यात के लिए ये सौदे अप्रैल से जून के लिए किए हैं। एक सूत्र के अनुसार 80 फीसदी सौदे दक्षिणी कोरिया, ताईवान, थाईलैंड, मलेशिया, इंडोनेशिया और वियतनाम को गेहूं सप्लाई के लिए हुए हैं।

वैश्विक स्तर पर फीड ग्रेड के गेहूं का करीब 300-400 लाख टन का कारोबार होता है जबकि कुल गेहूं कारोबार 1400 लाख टन के करीब है। इन निर्यात में सौदे से जुड़े एक अन्य सूत्र के अनुसार अभी भारतीय गेहूं निर्यात करने के लिए सुनहरा मौका है। अंतरराष्ट्रीय गेहूं बाजार में जून व जुलाई में बदलाव आएगा, जब काला सागर क्षेत्र का गेहूं पककर तैयार होगा।

इस समय फीड ग्रेड गेहूं के सप्लायरों में भारत अकेला है। बेहतर क्वालिटी का ऑस्ट्रेलिया का गेहूं करीब 50 डॉलर प्रति टन महंगा है। काला सागर क्षेत्र से सप्लाई शुरू होने के बाद भारतीय निर्यातकों को गेहूं के दाम घटाने पड़ेंगे।

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