CORPORATE
Home » News Room » Corporate »सरकार वालमार्ट लॉबिंग मसले की जांच कराने को तैयार
Randy Thurman
एक पैसा बचाने का मतलब दो पैसा कमाना जरूर है लेकिन टैक्स चुकाने के बाद।

भारतीय रिटेल सेक्टर में एंट्री के लिए वालमार्ट द्वारा लॉबिंग पर किए गए भारी-भरकम खर्च को लेकर विपक्ष ने मंगलवार को संसद में लगातार दूसरे दिन जबरदस्त हंगामा किया। ऐसे में सरकार यह घोषणा करने पर विवश हो गई कि उसे भारत से जुड़े वालमार्ट लॉबिंग मसले की जांच का आदेश देने में कोई हिचकिचाहट नहीं है।


संसदीय मामलों के मंत्री कमलनाथ ने इस मसले पर विपक्ष के विरोध को कम करने के मकसद से कहा, 'भारत में प्रवेश के लिए वालमार्ट द्वारा पैसे खर्च किए जाने के मामले की जांच का आदेश देने में हमें कोई हिचकिचाहट नहीं है क्योंकि इससे सच्चाई सभी के सामने आ जाएगी।' इस बीच, लोकसभा में कुछ अन्य विपक्षी सांसदों ने वालमार्ट मसले की जांच संयुक्त संसदीय समिति से कराने की मांग की है।


कमलनाथ ने मंगलवार को लोकसभा में कहा कि सरकार वालमार्ट से जुड़ी रिपोर्टों को काफी गंभीरता से ले रही है। इससे पहले वरिष्ठ भाजपा नेता यशवंत सिन्हा ने सदन में मांग की थी कि भारत में एंट्री के लिए वालमार्ट द्वारा लॉबिंग फर्मों की मदद लेने और इसके लिए भारत में उसके द्वारा पैसे खर्च किए जाने की रिपोर्टों की समयबद्ध न्यायिक जांच कराई जाए।


विपक्षी दलों की ओर से भारी हंगामा किए जाने के दौरान सिन्हा ने मांग की कि यह जांच 60 दिनों में पूरी हो जानी चाहिए और इसके साथ ही आम जनता को यह जानकारी दी जानी चाहिए कि किसे रिश्वत दी गई। सिन्हा ने इस ओर ध्यान दिलाया कि वालमार्ट में बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बडिय़ां हुई हैं, तभी तो भारत में उसने अपने सीएफओ (मुख्य वित्तीय अधिकारी) समेत आठ अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इस मुद्दे पर मंगलवार को राज्यसभा में भी विपक्ष ने हंगामा किया।

Email Print Comment