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Jim Cramer
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फंड की विश्वसनीयता के लिए प्रदर्शन देखें, एयूएम नहीं

देश में म्यूचुअल फंड योजनाओं की कोई कमी नहीं है। ऐसे में निवेशकों के लिए अपनी जरूरतों के आधार पर सबसे अच्छे म्यूचुअल फंडों का चयन करना कठिन हो जाता है।


वास्तविकता यह है कि अधिकतर म्यूचुअल फंड योजनाओं का खाका एक समान होता है यानी इस प्रकार निवेशकों का काम और कठिन हो जाता है। इसलिए यह जरूरी है कि आप जिस फंड में निवेश करने जा रहे हैं उस म्यूचुअल फंड योजना के गुण-धर्मों का, खास तौर से फंड प्रदर्शन का, ध्यानपूर्वक अध्ययन करें।


शेयरों की तरह ही म्युचुअल फंडों का प्रदर्शन मैक्रो-इकोनॉमिक कारकों और निवेशकों की धारणाओं से प्रभावित होता है। चूंकि कोई भी म्युचुअल फंड योजना के पोर्टफोलियो में कई सारे शेयर शामिल होते हैं लिहाजा इसमें किसी खास शेयर से जुड़ा जोखिम कम होता है और इसीलिए म्युचुअल फंड उन निवेशकों के लिए काफी मददगार होते हैं जिनके पास निजी स्टॉक पोर्टफोलियो बनाने के लिए पर्याप्त रकम नहीं होती है।


निवेशक को म्यूचुअल फंडों खास तौर से इक्विटी म्यूचुअल फंडों में लंबे समय के लिए निवेश करना चाहिए और नियमित अंतराल पर उसके प्रदर्शन की समीक्षा भी करनी चाहिए।। फंड के प्रदर्शन की निरंतरता इसके बेंचमार्क और श्रेणी के औसत रिटर्न से निकाली जा सकती है।


फंडों के प्रदर्शन का आकलन
म्यूचुअल फंड के प्रदर्शन का आकलन करने के लिए एक लंबे समय के दौरान अर्थव्यवस्था व शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव के आधार पर करना महत्वपूर्ण होता है। यदि कोई म्यूचुअल फंड प्रतिकूल हालातों में भी बेहतर रिटर्न देने में सक्षम रहा है तो निश्चित रूप से आपको इसमें अपना निवेश बनाए रखना चाहिए या फिर इसमें निवेश की शुरुआत करनी चाहिए।


ऐतिहासिक प्रदर्शन का मूल्यांकन
ऐतिहासिक प्रदर्शन का विश्लेषण करते समय निवेशक को फंडों का पिछला रिटर्न, यानी पिछले 1-5 सालों में इसका रिटर्न क्या रहा है, और इसमें कितनी निरंतरता रही है, इस पर गौर करना चाहिए। इससे निवेशक को रिटर्न में वैरिएशन और अस्थिरता का पता चलेगा और उसे फंड में निवेश के जोखिमों का आकलन करने में मदद मिलेगी।


बेंचमार्किंग
निवेशकों को मार्केट इंडेक्स के साथ म्यूचुअल फंडों के प्रदर्शन की तुलना जरूर करनी चाहिए ताकि वह यह जान सकें कि कितना अतिरिक्त रिटर्न अर्जित किया गया है। निवेशक यह सुनिश्चित करें कि जिस बेंचमार्क को उन्होंने चुना है वह म्यूचुअल फंड की निवेश शैली को रिप्रजेंट कर रहा हो अन्यथा निवेश का फैसला गलत भी हो सकता है।


शार्पे रेशियो
इसकी गणना करने का एक  तय नियम है। म्यूचुअल फंड के रिटर्न से रिस्क फ्री रेट निकाल कर उसे म्यूचुअल फंड के स्टैंडर्ड रिटर्न से विभाजित किया जाता है। इससे रिस्क के अनुपात में मिले रिटर्न का पता चलता है। यह रेशियो जितना अधिक होगा, उतना ही बेहतर फंड का रिस्क-एडजस्टेड प्रदर्शन होगा।


फंड की निरंतरता का मूल्यांकन
लगातार बेहतर प्रदर्शन करने वाले फंडों के चयन से, निवेशकों को न केवल पोर्टफोलियो मिक्स की लागत बचाने में मदद मिलती है बल्कि उसकी रेगुलर मॉनिटरिंग और पोर्टफोलियो की रिबैलेंसिंग की जरूरत भी खत्म हो जाती है। ऐसे म्यूचुअल फंडों मेेंं, खासकर इक्विटी फंडों में, मीडियम से लांग टर्म निवेश करना अच्छा होता है।


इसके अलावा अगर अल्पावधि से मध्यावधि के दौरान पैसों की जरूरत पड़ती है तो लगातार बेहतर प्रदर्शन करने वाले फंडों में निवेश करना सर्वोत्तम विकल्प है। म्यूचुअल फंड निवेशकों का मुख्य उद्देश्य सुपीरियर निवेश प्रदर्शन होता है। हालांकि, पूर्व प्रदर्शन भविष्य के प्रदर्शन के भरोसेमंद संकेतक नहीं होते। जब बाजार अच्छे मूड में हो तो शायद ही कोई फंड निगेटिव रिटर्न दे सकता है पर साथ ही बेंचमार्क से कम कामयाब फंड भी बढिय़ा प्रदर्शन कर सकता है।


एसेट अंडर मैनेजमेंट
म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले अनेक निवेशकों का यह मानना होता है जो म्यूचुअल फंड हाउस सबसे ज्यादा एसेट अंड मैनेजमेंट-एयूएम का प्रबंधन करता हो उसके पास ही बेहतर म्यूचुअल फंड होते हैं। हमारा मानना है कि यह तथ्य निवेशकों द्वारा प्रदर्शित किए गए भरोसे का एक सूचक हो सकता है पर इसका मतलब हमेशा यह कतई नहीं होता कि यही सबसे अच्छा म्युचुअल फंड है।


फंड चुनने में एयूएम का कोई योगदान नहीं होना चाहिए। इसकी बजाय बाजार चक्र में फंड की कंसिस्टेंट परफार्मेंस एयूएम की विभिन्नता के बावजूद गुड रिटर्न डिलीवर करने में फंड प्रबंधकों की कुशलता देखें। अगर आप बड़़े एयूएम आकार पर म्युचुअल फंड में निवेश करने का फैसला करेंगे तो हो सकता है कि आपकी पूंजी कम हो जाए। अधिकांश विशेषज्ञों का मानना है कि फंड की प्रबंधनाधीन परिसंपत्ति यानी एयूएम के आकार का प्रदर्शन पर कोई अर्थपूर्ण असर नहीं पड़ता।


निष्कर्ष
ध्यान रखे कि आप म्यूचुअल फंड में वेल्थ क्रियेशन के ध्येय से अपनी खून-पसीने की कमाई निवेश कर रहे हैं। लिहाजा उपरोक्त बातों का ध्यान रखें ताकि आप गुणवत्ता पूर्ण फंडों में निवेश कर जोखिम को कम कर सकें और बेहतर रिटर्न हासिल कर सकें।
विकास एम. सचदेवा - लेखक ,एडलवाइस एसेट मैनेजमेंट लि. के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं। प्रकाशित विचार उनके निजी हैं।

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