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Benjamin Graham
शेयर बाजार में लोग सीखते कुछ नहीं,भूल सब कुछ जाते हैं।

कॉल रेट में बढ़ोतरी के पीछे का गणित

बिजनेस भास्कर | Jan 25, 2013, 13:22PM IST
कॉल रेट में बढ़ोतरी के पीछे का गणित

रसोई गैस और तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुए ज्यादा समय नहीं बीता था कि अब टेलीकॉम कंपनियों ने अपने कॉल रेट बढ़ा दिए हैं। इस सप्ताह देश की प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों भारती एयरटेल और आइडिया सेल्यूलर ने अपने कॉल रेट में बढ़ोतरी कर दी है। बाकी बड़ी टेलीकॉम कंपनियों ने भी इसी राह पर चलने के संकेत दिए हैं और जल्दी ही अपने कॉल रेट में बढ़ोतरी करने के संकेत दिए हैं।

खास बात यह है कि इसका सबसे ज्यादा प्रभाव प्री-पेड कनेक्शन धारकों पर पड़ेगा क्योंकि कॉल रेट में बढ़ोतरी प्री-पेड कनेक्शन धारकों के लिए ही की गई है। खास बात यह है कि देश की प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों ने एक महीना पहले ही 2जी डाटा प्लान को भी महंगा कर दिया था।

क्या कारण हैं बढ़ोतरी के पीछे
कंपनियों द्वारा कॉल रेट में बढ़ोतरी करने के पीछे सबसे बड़ी वजह घटते मुनाफे और बढ़ती लागत के बीच संतुलन बनाना रही है। पिछले तीन सालों से देश की प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों में प्राइस वार चल रहा था। इस अवधि में कंपनियों के मुनाफे पर काफी असर हुआ है।

इसी कारण से कंपनियों पर दबाव आ गया था कि वे कॉल दरों को तर्क संगत बनाएं ताकि घटते मुनाफे और बढ़ती लागत पर लगाम लगाई जा सके।कंपनियों द्वारा अपनी कॉल दरों में बढ़ोतरी का सकारात्मक असर शेयर बाजार में रहा भी और इस फैसले के बाद प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों के शेयरों में अच्छी खासी बढ़ोतरी देखने को मिली। भारती एयरटेल के शेयरों में इस फैसले के बाद चार फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी देखने को मिली।

स्पेक्ट्रम भी है इस बढ़ोतरी के पीछे
टेलीकॉम कंपनियों द्वारा कॉल दरों में की गई बढ़ोतरी के पीछे एक बड़ी वजह स्पेक्ट्रम के लिए दी जाने वाली फीस भी मानी जा रही है। सरकार ने वोडाफोन, एयरटेल और आइडिया को वन टाइम फीस पेमेंट के तौर पर दो अरब डॉलर की राशि का भुगतान करने का आदेश दिया है।

यह राशि इन टेलीकॉम कंपनियों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे स्पेक्ट्रम के एवज में देनी होगी। साथ ही इन कंपनियों के लाइसेंस भी अब समाप्त हो रहे हैं। ऐसे में कंपनियों को लाइसेंस हासिल करने के एवज में फीस चुकाने के लिए बड़ी रकम की जरूरत होगी।

उपभोक्ताओं पर असर
कॉल रेट में की गई इस बढ़ोतरी से उपभोक्ताओं की जेब पर निश्चय ही असर होगा और उनके बिल 20-30 फीसदी तक बढ़ सकते हैं।

कंपनियों ने विशेष ऑफर्स और प्रमोशन ऑफर के माध्यम से उपभोक्ताओं को दी जा रही है कॉल रेट में बढ़ोतरी की है। उदाहरण के लिए एयरटेल ने अपने फ्री मिनट को 10-25 फीसदी तक महंगा कर दिया है। इसी तरह से स्पेशल टैरिफ वाउचर्स में भी बढ़ोतरी की गई है।

हालांकि एक खास बात यह है कि इस बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा प्री-पेड ग्राहकों पर ही होगा क्योंकि जिन ऑफर्स के कॉल रेट में बढ़ोतरी की गई है वे प्री-पेड ग्राहकों के लिए ही हैं। देश के मोबाइल उपभोक्ताओं में प्री-पेड ग्राहकों की संख्या 95 फीसदी है।

हालांकि कंपनियों का कहना है कि उन्होंने केवल विशेष ऑफर्स की कॉल रेट में ही बढ़ोतरी की है और मुख्य कॉल रेट में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।

 

महंगाई की मार

30 फीसदी तक ज्यादा आएगा मोबाइल खर्च
मुनाफे और लागत में संतुलन बनाने की कोशिश
एक महीना पहले बढ़ाए थे 2जी डाटा प्लान के रेट
देश में 95 फीसदी ग्राहक प्री-पेड कनेक्शन के

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रसोई गैस और तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुए ज्यादा समय नहीं बीता था कि अब टेलीकॉम कंपनियों ने अपने कॉल रेट बढ़ा दिए हैं।

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