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Jim Cramer
दुनिया में डर कर किसी ने एक चवन्नी भी नहीं कमाई।
आरबीआई मौद्रिक नीति समीक्षा से लेकर वित्तीय फैसलों पर रहेगी नजर

मुम्बई: अगले सप्ताह शेयर बाजार पर तीसरी तिमाही में अग्रिम कर भुगतान, भारतीय रिजर्व बैंक की मध्य तिमाही मौद्रिक नीति समीक्षा तथा कुछ वित्तीय क्षेत्र के विधेयकों पर निवेशकों की निगाह रहेगी।

भारतीय कारोबारी कम्पनियां 15 दिसम्बर से तीसरी तिमाही के लिए अग्रिम कर भुगतान करना शुरू कर देंगी, जो कम्पनियों के प्रदर्शन का आइना होगा। अग्रिम कर का भुगतान चार किश्तों में (15 जून तक 15 फीसदी, 15 सितम्बर तक 40 फीसदी, 15 दिसम्बर तक 75 फीसदी और 15 मार्च तक सौ फीसदी) होता है।

रिजर्व बैंक मंगलवार 18 दिसम्बर को मध्य तिमाही मौद्रिक नीति समीक्षा की घोषणा करेगा। रिजर्व बैंक ने पिछली समीक्षा में रेपो दर को आठ फीसदी पर बरकरार रखा था और इसका कारण महंगाई दर का ऊंचे स्तर पर होना बताया था। नकद आरक्षी अनुपात में हालांकि 25 आधार अंकों की कटौती कर इसे 4.25 फीसदी कर दिया गया था।

संसद के 22 नवम्बर से शुरू हुए शीतकालीन सत्र में कई वित्त विधेयकों पर चर्चा होनी है। सरकार इस सत्र में बीमा और पेंशन विधेयकों तथा बैंकिंग कानून (संशोधन) विधेयक, 2011 को पारित करना चाहती है।

बीमा विधेयक में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) सीमा को मौजूदा 26 फीसदी से बढ़ाकर 49 फीसदी किए जाने का प्रावधान है। पेंशन विधेयक में स्थानीय कोष प्रबंधक कम्पनियों में 49 फीसदी एफडीआई सीमा का प्रावधान है।

बैंकिंग कानून (संशोधन) विधेयक 2011 में निजी बैंकों में बड़े शेयर धारकों का मताधिकार 10 फीसदी से बढ़ाकर 26 फीसदी किए जाने और सरकारी बैंकों में एक फीसदी से बढ़ाकर 10 फीसदी किए जाने का प्रावधान है। साथ ही इसमें रिजर्व बैंक को अधिक शक्ति प्रदान करने का भी प्रावधान है। रिजर्व बैंक ने नए बैंकिंग लाइसेंस जारी करने से पहले सरकार से कहा है कि पहले इस विधेयक को संसद में पारित करा लिया जाए।

निवेशकों की नजर गुजरात विधानसभा चुनाव पर भी है, जिसका आखिरी मतदान सोमवार 17 दिसम्बर, 2012 को होने वाला है। गुरुवार 20 दिसम्बर को गुजरात और हिमाचल प्रदेश में हुए मतदान की गिनती होने वाली है। हिमाचल प्रदेश में चार नवम्बर, 2012 को मतदान सम्पन्न हो चुके हैं।

  
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