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Peter Drucker
मुनाफा किसी कंपनी के लिए उसी तरह है जैसे एक व्यक्ति के लिए ऑक्सीजन।
पुणो में धूमधाम से मनाया टाटा ने अपना जन्मदिन, कंपनी के नाम लिखा आखिरी लेटर
मुंबई : साइरस मिस्त्री सोमवार को औपचारिक रूप से टाटा समूह के नये चेयरमैन के रूप में कार्यभार संभालेंगे। कंपनी सूत्रों ने यह जानकारी दी। मिस्त्री, रतन टाटा की जगह लेने जा रहे हैं और वे टाटा घराने के छठे चेयरमैन होंगे। देश के सबसे पुराने टाटा उद्योग समूह की पहचान बन चुके रतन टाटा, 50 साल की सेवा के बाद इसके चेयरमैन पद से सेवानिवृत्त हो गए। आखिरी दिन वह दफ्तर से दूर रहे।
 
टाटा ने अपने ट्वीटर अकाउंट पर लिखा है, 'यूनियन की गुजारिश पर रिटायरमेंट से पहले मैंने अपना आखिरी दिन पुणे में टाटा मोटर्स के कई कारखानों में बिताया ताकि अपने सहयोगियों को अलविदा कह सकूं। हम अच्छे और बुरे वक्त में साथ रहे हैं और आपसी भरोसे के आधार पर करीब आए हैं।'
 
उन्होंने कहा कि कारखानों में जाना और ढेर सारे साथियों से बधाइयां पाना बहुत भावनात्मक अनुभव है। टाटा के कर्मचारियों को विदाई पत्र में उन्होंने कहा है कि वे समूह के मूल्यों और नैतिक मानकों पर खरा उतरें। 
 
टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस के सूत्रों ने कहा कि टाटा समूह के नए चेयरमैन साइरस मिस्त्री ने आज बांबे हाउस का दौरा किया और कल वह नई जिम्मेदारी संभालेंगे। मिस्त्री पिछले एक साल से टाटा उद्योग समूह की कमान हाथ में लेने की तैयारी कर रहे हैं।
 
टाटा उद्योग समूह के चेयरमैन के पद से शुक्रवार को सेवानिवृत्त हुए प्रतिष्ठित उद्योगपति रतन टाटा ने कहा है कि फिलहाल देश कठिन आर्थिक दौर से गुजर रहा है, जो संभवत: अगले साल तक बना रहेगा। टाटा को उम्मीद है कि उसके बाद भारतीय अर्थव्यवस्था फिर रफ्तार पकड़ने लगेगी।
 
टाटा शुक्रवार को 75 साल के हो गए और देश के इस प्रमुख औद्योगिक घराने की लगभग 50 साल तक सेवा करने के बाद उन्होंने समूह की कमान 44 वर्षीय साइरस मिस्त्री को सौंपी। टाटा 21 साल चेयरमैन रहे। उन्होंने सहयोगियों के नाम विदाई पत्र में कहा है कि वे इस कठिन समय में सफलता हासिल करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता और समर्पण भाव से कम करें।
 
पत्र में टाटा ने कंपनी के कर्मचारियों से कहा कि वे उन मूल्यों तथा नैतिक आदर्शों के अनुसार ही काम करें, जिन पर समूह का गठन हुआ है। रतन टाटा को मानद चेयरमैन नियुक्त किया गया है।
 
उन्होंने कहा कि मौजूदा साल में हमने जो कठिन आर्थिक वातावरण देखा है, वह संभवत: अगले साल तक जारी रहेगा। 
उन्होंने कहा,‘हमें संभवत: उपभोक्ता मांग में कमी, अधिक क्षमता तथा आयात से बढ़ती प्रतिस्पर्धा को झेलना होगा।’
टाटा ने कहा कि टाटा की कंपनियों पर कारोबारी प्रक्रिया के मामले में खुद के लिए अपनी नई जगह बनानी होगी ताकि लागत में उल्लेखनीय कमी की जा सके। बाजार में ज्यादा आक्रामक बनना होगा और उपभोक्ताओं की जरूरतों को पूरा करने उत्पादों की श्रृंखला का विस्तार करना होगा। 
 
टाटा ने पत्र में कहा है कि हमें अपने ऋण भार को कम करना होगा, तथा अपने लाभ के मार्जिन को बनाए रखने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। उन्होंने कहा,‘यह वातावरण एक बार फिर से आपके समर्थन, प्रतिबद्धता और समर्पण की मांग कर रहा है, जिससे इस कुछ कठिन समय में सफलता हासिल की जा सके।’
 
टाटा ने कहा कि यह निराशाजनक तस्वीर जल्द हट जाएगी। उन्होंने कहा, ‘मुझे विश्वास है कि देश ने पिछले कुछ साल के दौरान जो बेहतरीन आर्थिक वृद्धि दर देखी है, वह फिर से लौटेगी। देश का आधार मजबूत है। भारत एक बार फिर से क्षेत्र में आर्थिक सफलता की कहानी बनेगा।’
 
उन्होंने कहा कि टाटा समूह निश्चित रूप से देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा। कई ऐसे औद्योगिक क्षेत्रों में वह नेतृत्वकारी भूमिका निभाएगा।
 
टाटा ने कहा,‘भविष्य में समूह के विकास का नेतृत्व साइरस मिस्त्री करेंगे। मुझे उम्मीद है कि मिस्त्री को भी आपसे वही समर्थन, प्रतिबद्धता तथा सूझबूझपूर्ण सलाह मिलेगी, जो बरसों तक मुझे मिलती रही।’ उन्होंने कहा कि टाटा समूह आज राजस्व की दृष्टि से 100 अरब डॉलर के पार हो चुका है। पिछले 20 साल में समूह के राजस्व में 20 गुना का इजाफा हुआ है। ‘हमारे कुल राजस्व में 58 प्रतिशत विदेशी परिचालन से आता है। वैश्विक स्तर पर हमारा ब्रांड 45वें स्थान पर है, जबकि यह नंबर एक भारतीय ब्रांड है।’
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