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Milton Friedman
किसी कारोबार का सामाजिक उत्तरदायित्व है कि वह अपने फायदे को बढ़ाए।
1937 में पैदा हुए टाटा ने 1991 में टाटा
टाटा समूह के 5वें चेयरमैन रतन टाटा काफी धार्मिक इंसान हैं। टाटा सत्य साईं के भी परम भक्त हैं। जब तक सत्य साईं जिंदा थे तब तक वो अक्सर साईं से मिलने और आशीर्वाद लेने उनके आश्रम जाते रहते थे। सत्य साईं के 85वें जन्मदिन के जश्न में भी टाटा उनका आशीर्वाद लेने पहुंचे थे।
1868 में 21 हजार रुपये लगाकर शुरू की गई कंपनी आज टाटा ग्रुप के रूप में 5500 अरब रुपये की कंपनी बन गई है। साइरस मिस्त्री 28 दिसंबर को बतौर चैयरमेन करीब 5500 अरब रुपये के टाटा घराने की बागडोर संभालने जा रहे हैं। इस दिन करीब 21 सालों तक समूह की कमान संभालने वाले रतन टाटा अपना पद छोड़ रहे हैं। मिस्त्री ग्रुप की कमान संभालने वाले छठवें चेयरमैन हैं। साइरस टाटा संस के सबसे बड़े शेयर होल्डर पल्लोनजी मिस्त्री के छोटे बेटे हैं।


1937 में पैदा हुए टाटा ने 1991 में टाटा समूह के चेयरमैन के रूप में पद संभाला। तब से अब तक टाटा की कंपनियों ने कई नए मुकाम बनाए। अपने रिटायरमेंट को लेकर उन्होंने कई खास प्लानिंग भी कर रखी है। टाटा ने खास तौर से अपने रिटायरमेंट के लिए ही कोलाबा में आलीशान घर भी बनवाया है। दिलचस्प है कि टाटा का यह रिटायरमेंट उनके जन्मदिन वाले दिन ही है।

टाटा ग्रुप के नए चेयरमैन और इससे पहले ग्रुप को नेतृत्व देने वाली चार शख्सियतों और उनकी उपलब्धियों को जानने के लिए क्लिक करें आगे की तस्वीरें...

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