STOCKS
Home » Market » Stocks »Not Interested In Tax-Free Bonds
Jim Cramer
काश! पैसे पेड़ पर उगते लेकिन पैसा कमाने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है।
टैक्स फ्री बांड में रुचि नहीं

फ्लॉप शो
टैक्स फ्री बांड जारी करने वाली कंपनियां इसके लिए इन बांडों पर मिलने वाले ब्याज में कमी व बाजार रुख को ठहरा रही हैं जिम्मेदार

निराशाजनक
४,५०० करोड़
जुटाने के लिए आरईसी ने 3 दिसंबर को जारी किया था टैक्स फ्री बांडों का इश्यू
२,५५० करोड़
ही जुटा पाई अंतिम तारीख 10 दिसंबर तक
४,५९० करोड़
जुटाने के लिए पीएफसी ने 14 दिसंबर को जारी किया है टैक्स फ्री बांडों का इश्यू
१५० करोड़
से भी कम राशि जुटा पाई पहले दिन

टैक्स फ्री बांड में निवेशक इस साल दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, इस साल टैक्स फ्री बांड पिछले वर्ष के मुकाबले फ्लॉप शो साबित हो सकता है। टैक्स फ्री बांड जारी करने वाली कंपनियां इसके लिए टैक्स फ्री बांड पर मिलने वाले ब्याज में कमी और बाजार रुख को जिम्मेदार ठहरा रही हैं। उनका यह भी कहना है कि टैक्स फ्री बांडों के प्रति योग्य संस्थागत खरीदारों (क्यूआईबी) का रुझान काफी कम है।


गत 3 दिसंबर को रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉरपोरेशन (आरईसी) ने 4500 करोड़ रुपये जुटाने के लिए टैक्स फ्री बांडों का इश्यू जारी किया था। 10 दिसंबर इश्यू के तहत खरीदारी की अंतिम तारीख थी। लेकिन इस दौरान आरईसी महज 2550 करोड़ रुपये ही जुटा पाई। आरईसी के वित्त निदेशक अजीत अग्रवाल के मुताबिक 500 करोड़ रुपये प्राइवेट इश्यू के जरिए तो 2050 करोड़ रुपये पब्लिक इश्यू के जरिए जुटाए जा सके।


अग्रवाल के मुताबिक, बची हुई राशि में से आरईसी 750 करोड़ रुपये प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए जुटा सकती है। इसके बाद जो राशि बचेगी, उसके लिए आरईसी फिर से इश्यू जारी कर सकती है। उन्होंने बताया कि इस साल पिछले वर्ष के मुकाबले बांड पर मिलने वाला ब्याज लगभग आधा फीसदी कम था। अग्रवाल के मुताबिक इस बार टैक्स फ्री बांडों में क्यूआईबी ने अपनी दिलचस्पी नहीं दिखाई, इसलिए भी खरीदारी कम रही।


बाजार जानकारों के मुताबिक, इस दौरान कई कंपनियों के एफपीओ (फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर) आने और सेंसेक्स में शामिल शेयरों के प्रति बढ़ते रुझान के कारण टैक्स फ्री बांडों की ओर निवेशकों का आकर्षण कम रहेगा। आरईसी के पूर्व सीएमडी एच.डी खूंटेटा के मुताबिक, इस साल किसी भी कंपनी के टैक्स फ्री बांड की खरीदारी पिछले साल की तरह धमाकेदार नहीं रहेगी।


वह कहते हैं कि सेकेंडरी बाजार में टैक्स फ्री बांड के मुकाबले अधिक ब्याज मिलने से निवेशकों का आकर्षण इस ओर नहीं रहेगा। वहीं, दूसरी तरफ पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (पीएफसी) ने 4,590 करोड़ रुपये जुटाने के लिए 14 दिसंबर से बाजार में अपना टैक्स फ्री बांड इश्यू लाया है।

सूत्रों के मुताबिक, खरीदारी के पहले दिन पीएफसी 150 करोड़ रुपये से भी कम राशि जुटा पाई। पिछले साल पीएफसी ने 5,000 करोड़ रुपये जुटाने के लिए टैक्स फ्री बांड जारी किए थे। यह इश्यू महज तीन दिन में ओवरसब्सक्राइब हो गया था। पीएफसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अपना नाम न छापने की शर्त पर कहा है कि इस बार पिछले साल जैसी स्थिति नहीं रहेगी।


पीएफसी ने खुदरा निवेशकों को 15 वर्ष के लिए बांड की खरीदारी पर 7.86 फीसदी की दर से और 10 वर्ष की अवधि वाले बांड पर 7.36 फीसदी की दर से ब्याज देने की घोषणा की है। आरईसी ने 10 साल की खरीदारी करने वाले निजी खुदरा ग्राहकों को 7.72 फीसदी और 15 साल की अवधि के लिए 7.88 फीसदी की दर से ब्याज देने की घोषणा की थी।

आपके विचार
 
अपने विचार पोस्ट करने के लिए लॉग इन करें

लॉग इन करे:
या
अपने बारे में बताएं
 
 

दिखाया जायेगा

 
 

दिखाया जायेगा

 
कोड:
6 + 4

 
Email Print Comment