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नियम नंबर एक: पूंजी को खोना नहीं चाहिए, नियम नंबर दो: पहले नियम को ना भूलें।
कोर्ट ने दी महिंद्रा एंड महिंद्रा को राहत, नहीं वापस करनी होगी जमीन
मुंबई : बंबई उच्च न्यायालय ने महिंद्रा एंड महिंद्रा और एक उद्योगपति को नासिक में आबंटित भूखंड रद्द करने की जेनिथ मेटाप्लास्ट की याचिका खारिज कर दी है।
 
जेनिथ मेटाप्लास्ट ने नासिक में तीन एकड़ का एक भूखंड स्वयं को आबंटित किए जाने और इसके पास स्थित भूखंड जो महिंद्रा एंड महिंद्रा और एक उद्योगपति को आबंटित किया गया था, का आबंटन रद्द करने का न्यायालय से अनुरोध किया था।
 
उच्च न्यायालय ने पाया कि महाराष्ट्र सरकार और महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम ने पास के 17 एकड़ का भूखंड महिंद्रा एंड महिंद्रा को और छह एकड़ का भूखंड नासिक के उद्योगपति अभय कुलकर्णी को आबंटित करते हुए राज्य के हितों को ध्यान में रखा।
 
न्यायालय का यह फैसला महाराष्ट्र सरकार और महिंद्रा एंड महिंद्रा के बीच हुए समझौते को देखते हुए काफी अहमियत रखता है। महिंद्रा एंड महिंद्रा ने लोगन कार के विनिर्माण के लिए नासिक में 700 करोड़ रुपये की परियोजना लगाने के लिए 15 जून, 2005 में यह समझौता किया था।
 
न्यायमूर्ति आर.वाई. गानू और न्यायमूर्ति एस.जे. वजीफदार की पीठ ने कहा, दस्तावेजों को ध्यानपूर्वक देखने पर हम इस बात से संतुष्ट हैं कि भूमि आबंटन के निर्णय में कोई पक्षपात नहीं किया गया।
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