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Peter Drucker
मुनाफा किसी कंपनी के लिए उसी तरह है जैसे एक व्यक्ति के लिए ऑक्सीजन।
एलपीजी कैश सब्सिडी की राह में 'आधार' बना अड़चन

एक जनवरी से महज 20 जिलों में शुरू हो पाएगी यह योजना


पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया - संबंधित जिलों में 80-90 फीसदी आबादी का 'आधार कार्ड' अभी तक नहीं बन पाने के चलते इसे शुरू नहीं किया जा सकता
सरकार की योजना - रसोई गैस पर प्रति सिलेंडर 520.50 रुपये की सब्सिडी सीधे लाभार्थियों के खाते में भेज दी जाए, जबकि उनके घर में एलपीजी सिलेंडर बाजार कीमत पर पहुंचे

एक जनवरी 2013 से देश के 51 जिलों में रसोई गैस के सिलेंडरों की खरीद में कैश सब्सिडी सीधे बैंक खाते में जमा होने की राह देख रहे लोगों को अभी और इंतजार करना होगा। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय का कहना है कि संबंधित जिलों में 80-90 फीसदी आबादी का 'आधार कार्ड' अभी तक नहीं बन पाने की वजह से इसे शुरू नहीं किया जा सकता। फिलहाल 20 जिलों में ही यह योजना शुरू की जा सकती है।


11वीं पेट्रो इंडिया कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए पेट्रोलियम सचिव जी सी चतुर्वेदी ने बताया कि इस समय आधार कार्ड की पहुंच 80 फीसदी आबादी तक भी नहीं हो पाई है। आंकड़ों के मुताबिक इस समय देश के 20 करोड़ लोगों के पास ही आधार कार्ड है, जबकि देश की आबादी 120 करोड़ से भी ज्यादा है।


गौरतलब है कि पेट्रोलियम मंत्रालय ने देश भर में ऐसे 51 जिलों की पहचान की थी, जहां 1 जनवरी 2013 से पेट्रो उत्पादों पर सब्सिडी की रकम नकद के रूप में उनके बचत खाते में भेज दी जाती। हालांकि, इसके लिए लाभार्थी के पास आधार कार्ड होना जरूरी है।


चतुर्वेदी के मुताबिक रसोई गैस (एलपीजी) सिलेंडरों के दुरुपयोग की बात किसी से छिपी नहीं है और इस पर रोक लगाने के लिए कैश सब्सिडी स्कीम से बढिय़ा कुछ भी नहीं है लेकिन यह भी तब होगा जबकि उसके लिए 'आधार' नंबर हों। उन्होंने बताया कि आगामी एक जनवरी से 20 जिलों में यह योजना शुरू की जाएगी क्योंकि उन जिलों में 80 फीसदी से ज्यादा लोगों के पास आधार कार्ड बन चुका है। शेष 31 जिलों में चरणबद्ध ढंग से योजना शुरू की जाएगी।


पेट्रोलियम सचिव ने बताया, 'इससे पहले यूनिक आइडेंटिटी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (आधार कार्ड बनाने वाला संगठन) ने कहा था कि 31 जिलों में 80 फीसदी से ज्यादा लोगों के आधार कार्ड अप्रैल तक बना दिए जाएंगे। लेकिन अब यह बताया जा रहा है कि इन जिलों में तेजी से कार्ड बनाया तो जा रहा है, लेकिन यह काम फरवरी तक पूरा हो पाएगा। यदि ऐसा हुआ तो वहां फरवरी-मार्च से कैश सब्सिडी खाते में भेजने की शुरुआत कर दी जाएगी।'


सरकार की योजना यह है कि रसोई गैस पर प्रति सिलेंडर दी जा रही 520.50 रुपये की सब्सिडी सीधे लाभार्थियों के खाते में भेज दी जाए, जबकि उनके घर में एलपीजी सिलेंडर बाजार कीमत (अभी बिना सब्सिडी वाले 14.2 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमत 931 रुपये है) पर पहुंचे। वर्तमान व्यवस्था में यह सब्सिडी तेल कंपनियों को मिलती है और कंपनी के डीलर उसकी आपूर्ति दिल्ली के उपभोक्ताओं के घरों में प्रति सिलेंडर 410.50 रुपये में कर रहे हैं।

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