STOCKS
Home » Market » Stocks »बड़े ब्रोकरों को जमा करने होंगे 50 लाख
Henry Ford
ऐसा कारोबार जो सिर्फ पैसा बनाए,वह बेकार है।
बड़े ब्रोकरों को जमा करने होंगे 50 लाख

पूंजी बाजार नियामक सिक्युरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड (सेबी) ने स्टॉक ब्रोकरों के लिए न्यूनतम पूंजी जमा करने की बाध्यता को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दिया है। बेस मिनिमम कैपिटल (बीएमसी) के रूप में जमा की गई इस राशि पर ब्रोकर बाजार में किसी तरह का लेन-देन नहीं कर सकते। इससे पहले, इस राशि में बढ़ोतरी 16 साल पहले वर्ष 1996 में की गई थी।


बीएमसी को लेकर किए गए बदलाव 31 मार्च, 2013 से प्रभावी हो जाएंगे। इसकी घोषणा करते हुए सेबी ने कहा है कि टेक्नोलॉजी में बदलाव और सौदे होने की रफ्तार बढऩे से बाजार में होने वाले लेन-देन में जोखिम भी बढ़ गया है। इसी वजह से, इस मुद्दे पर विभिन्न स्तरों पर हुए विचार-विमर्श के बाद बीएमसी में बढ़ोतरी की गई है।


नए मानकों के तहत देश भर में ट्रेडिंग टर्मिनलों के जरिए कारोबार की सुविधा देने वाले स्टॉक एक्सचेंजों के सदस्य ब्रोकरों को अब बीएमसी की मद में 10 लाख रुपये से लेकर 50 लाख रुपये तक की राशि जमा करनी होगी। जबकि, अन्य स्टॉक एक्सचेंजों के मामले में यह राशि इसकी 40 फीसदी होगी। सेबी ने कहा है कि केवल अपनी पूंजी से कारोबार करने वाले सदस्य ब्रोकरों को न्यूनतम 10 लाख रुपये की राशि जमा करानी होगी।


अगर कोई ब्रोकर ग्राहकों की तरफ से भी ट्रेडिंग करना चाहता है तो उसे 15 लाख रुपये जमा करने होंगे। ग्राहकों की तरफ से ट्रेडिंग के साथ ही प्रोपराइटरी ट्रेडिंग की सुविधा चाहने वाले ब्रोकरों को 25 लाख रुपये जमा करने होंगे। जबकि, इन सबके साथ एल्गो सुविधा चाहने वाले ब्रोकरों को 50 लाख रुपये की राशि बीएमसी की मद में जमा करानी होगी। सेबी ने कहा है कि इस राशि का कम से कम 50 फीसदी नकद के रूप में होना चाहिए।


इससे पहले सेबी ने वर्ष 1996 में बांबे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) व कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज को सदस्यों की जमा राशि पांच लाख से बढ़ाकर 10 लाख करने को कहा था। जबकि, दिल्ली व अहमदाबाद स्टॉक एक्सचेंजों के ब्रोकरों के लिए यह राशि 3.5 लाख रुपये से बढ़ाकर सात लाख रुपये व अन्य स्टॉक एक्सचेंजों के मामले में दो लाख से बढ़ाकर चार लाख की गई थी।

Email Print
0
Comment