MARKET
Home » Experts » Market »India - UK Partnership Beneficial
Jim Cramer
दुनिया में डर कर किसी ने एक चवन्नी भी नहीं कमाई।

भारत-ब्रिटेन के लिए फायदेमंद है साझेदारी

बिजनेस ब्यूरो | Feb 21, 2013, 00:15AM IST
भारत-ब्रिटेन के लिए फायदेमंद है साझेदारी

ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरन की वर्तमान भारत यात्रा को आर्थिक मामलों से जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि निवेश के जरूरतमंद देश भारत में बाकी देशों के मुकाबले बढ़त हासिल करने के लिए ब्रिटिश प्रधानमंत्री यह यात्रा कर रहे हैं। ऐसे समय जब दक्षिण एशिया की प्रमुख अर्थव्यवस्था वाला देश भारत अनेक क्षेत्रों में निवेश के दरवाजे खोल रहा है और खोलने वाला है तो ब्रिटेन भारत के साथ मजबूत आर्थिक रिश्ते चाहता है

ताकि विदेश निवेश और भागीदारी के मामलों में बढ़त हासिल की जाए। अधिकारिक भारत यात्रा पर आए ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कैमरन भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई और आईटी हब बंगलौर के बीच स्थापित होने वाले 25 अरब डॉलर की लागत वाले औद्योगिक कॉरिडोर में अपनी भागीदारी चाहता है।

कैमरन की पूरी कोशिश है कि वह भारत में अपनी कंपनियों को शुरूआत में निवेश का करने का लाभ दिलाएं। कभी ब्रिटेन का उपनिवेश रहे भारत को इस समय विदेश की सख्त जरूरत है और ब्रिटेन इसमें शुरूआती बढ़त हासिल करने के अवसर को छोडऩा नहीं चाहता है। भारत को अपने सवा अरब नागरिकों के सशक्तिकरण करने और गरीबी को दूर करने के लिए निवेश की जरूरत है।

अगर यह औद्योगिक स्थापित होता है तो इससे रोजगार के अवसर पैदा होंगे और इसका सीधा लाभ गरीब लोगों को मिलेगा। अगर ब्रिटेन के नजरिए से देखें तो भारत उनके लिए नया बाजार हो सकता है जिससे संघर्ष कर रही ब्रिटिश कंपनियों के रेवेन्यू में बढ़ोतरी होगी और उनकी हालत में भी सुधार होगा। अगर कम शब्दों में कहा जाए तो इससे ब्रिटेन और भारत दोनों के लिए फायदेमंद स्थिति है।

कई सालों से पश्चिमी देश सूचना तकनीक क्षेत्र में भारत को एक आउटसोर्स हब के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं। लेकिन अब समय बदल रहा है। भारत ने अपनी अर्थव्यवस्था का उदारीकरण कर दिया है और यहां प्रोजेक्ट्स को तेजी से लागू करने के लिए लाल फीता शाही पर लगाम लगाई जा रही है।

आपकी राय

 

ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरन की वर्तमान भारत यात्रा को आर्थिक मामलों से जोड़कर देखा जा रहा है।

  
KHUL KE BOL(Share your Views)
 
Email Print Comment