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Jim Cramer
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लेवी चीनी का खरीद मूल्य बढ़ाएगी सरकार

चीनी उद्योग के डिकंट्रोल पर रंगराजन समिति की सिफारिशें विचाराधीन : थॉमस

चालू पेराई सीजन 2012-13 (अक्टूबर से सितंबर) के लिए जल्द ही सरकार मिलों से लेवी चीनी खरीद का मूल्य बढ़ाएगी। पेराई सीजन 2011-12 के दौरान सराकर ने मिलों से लेवी चीनी 19.50 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर खरीदी थी।


खाद्य राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रो. के वी थॉमस ने नेशनल फेडरेशन ऑफ को-ऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज लिमिटेड (एनएफसीएसएफएल) के 53वीं सालाना बैठक के अवसर पर कहा कि सरकार जल्द ही चालू पेराई सीजन 2012-13 के लिए मिलों से ली जाने वाली लेवी चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी करेगी।


पेराई सीजन 2011-12 के लिए सरकार ने लेवी चीनी का दाम 19.50 रुपये प्रति क्विंटल तय किया हुआ है। जबकि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में इसका आवंटन 13.50 रुपये प्रति क्विंटल की दर से किया जाता है। चीनी मिलों को इस समय कुल उत्पादन का 10 फीसदी हिस्सा लेवी चीनी में देना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि रंगराजन समिति द्वारा चीनी विनियंत्रण के लिए की गई कुछ सिफारिशों पर खाद्य मंत्रालय विचार कर रहा है।


उम्मीद है इनमें से कुछ सिफारिशों पर जल्द ही अमल किया जायेगा। इसके अलावा उन्होंने कहा कि उद्योग की रॉ-शुगर पर आयात शुल्क में बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर खाद्य मंत्रालय ने संबंधित मंत्रालयों को पत्र लिख दिया है। चीनी की घटती कीमतों के कारण उद्योग ने रॉ-शुगर के आयात पर शुल्क बढ़ाने की मांग की है। इस समय रॉ-शुगर पर केवल 10 फीसदी आयात शुल्क है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में दाम कम होने के कारण दक्षिण भारत की चीनी मिलें रॉ-शुगर का आयात कर रही है।


इस अवसर पर एनएफसीएसएफएल के अध्यक्ष जयंतीलाल बी. पटेल ने कहा कि चालू पेराई सीजन 2012-13 में चीनी का उत्पादन 245 लाख टन होने का अनुमान है। जबकि पिछले पेराई सीजन में देश में 262 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था। उन्होंने कहा कि चीनी विनियंत्रण पर रंगराजन की सिफारिशों को लागू करने से किसान और उपभोक्ताओं के साथ ही चीनी उद्योग को भी फायदा होगा।

  
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