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Peter Drucker
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ग्वार गम में रिकॉर्ड मूल्य वृद्धि होने से निर्यात कई गुना ज्यादा

लेकिन ऊंचे भाव के कारण नए निर्यात सौदों में आई कमी

कारोबारी धमाका
22,288 करोड़ रुपये का ग्वार गम निर्यात अप्रैल-अक्टूबर में
3.66 लाख टन के स्तर पर निर्यात बढ़ा 29.7 फीसदी
4,804 करोड़ का निर्यात हुआ था पिछले वित्त वर्ष की इस अवधि में
2.82 लाख टन निर्यात रहा मात्रा के लिहाज से इस अवधि में

चालू वित्त वर्ष 2012-13 के पहले सात महीनों (अप्रैल से अक्टूबर) के दौरान ग्वार गम के निर्यात में मूल्य के हिसाब से 363.89 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।


जबकि मात्रा के हिसाब से चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में निर्यात 29.7 फीसदी बढ़कर 3.66 लाख टन का हुआ है। स्टॉकिस्टों और किसानों की बिकवाली कम आने से महीनेभर में ग्वार गम की कीमतों में करीब 12,000 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी आ चुकी है लेकिन ऊंचे भाव में निर्यात सौदे नहीं होने से दाम घटने की संभावना है।


वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार चालू वित्त वर्ष के पहले सात महीनों अप्रैल से अक्टूबर के दौरान 22,288.04 करोड़ रुपये मूल्य का ग्वार गम का निर्यात हुआ है जबकि पिछले साल की समान अवधि में 4,804.59 करोड़ रुपये का ही हुआ था।


टिंकू राम गम एवं केमिकल प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर विपिन अग्रवाल ने बताया कि ग्वार गम के निर्यात में बढ़ोतरी पहले हुए अनुबंधों के आधार पर हुई है जबकि इस समय ग्वार गम का भाव 7,000 से 7,500 डॉलर प्रति टन है जबकि डेढ़ महीने पहले भाव 4,000 से 4,500 डॉलर प्रति टन था।


ऊंचे भाव में निर्यात सौदे सीमित मात्रा में ही हो रहे है जबकि चालू सीजन में पैदावार पिछले साल से ज्यादा होने का अनुमान है। ऐसे में घरेलू बाजार में ग्वार गम और ग्वार की कीमतों में गिरावट आने की संभावना है।


कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि खाड़ी देशों के साथ-साथ अमेरिका और यूरोप की मांग से ग्वार गम पाउडर के निर्यात में चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में बढ़ोतरी हुई है।


अप्रैल से सितंबर के दौरान 3.66 लाख टन ग्वार गम का निर्यात हुआ है जबकि पिछले साल की समान अवधि में 2.82 लाख टन का हुआ था। एपीडा के अनुसार वित्त वर्ष 2011-12 में ग्वार गम का कुल निर्यात 7.06 लाख टन का हुआ था।


हरियाणा ग्वार गम एंड केमिकल के डायरेक्टर सुरेंद्र सिंघल ने बताया कि नए सीजन में ग्वार की पैदावार बढ़कर 1.75 से 2 करोड़ बोरी (एक बोरी-एक क्विंटल) होने का अनुमान है जबकि पिछले साल पैदावार करीब 1.50 करोड़ बोरियों की हुई थी। पैदावार में बढ़ोतरी होने के बावजूद महीने भर में ग्वार गम कीमतों में 12,000 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी आकर भाव 36,000 से 37,000 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।


ग्वार का भाव इस दौरान बढ़कर 12,000 से 13,000 रुपये प्रति क्विंटल हो गया। स्टॉकिस्टों और किसानों ने पिछले साल ग्वार गम और ग्वार के ऊंचे भाव देखे थे, जिसकी वजह से बिकवाली सीमित मात्रा में कर रहे हैं।

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