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Jim Cramer
दुनिया में डर कर किसी ने एक चवन्नी भी नहीं कमाई।
निर्यातकों व मिलों की मांग से कॉटन में और तेजी

पिछले एक माह में कॉटन के दाम 500 रुपये प्रति कैंडी तक बढ़े


बाजार का रुख
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉटन की कीमतों में तेजी
अक्टूबर-नवंबर में 9 लाख गांठ कॉटन निर्यात के सौदे
पाकिस्तान, बांग्लादेश, चीन, इंडोनेशिया व मलेशिया से अच्छी मांग
चालू सीजन में कपास की पैदावार 334 लाख गांठ संभव
पिछले साल 352 लाख गांठ कॉटन की पैदावार हुई थी

निर्यातकों के साथ ही यार्न मिलों की मांग से महीनेभर में कॉटन (जिनिंग की हुई रुई) की कीमतों में 500 रुपये की तेजी आकर शनिवार को अहमदाबाद में भाव 34,200-34,300 रुपये प्रति कैंडी (एक कैंडी-356 किलो) हो गए। चालू सीजन में देश में कॉटन की पैदावार 5.1 फीसदी कम होकर 334 लाख गांठ (एक गांठ-170 किलो) होने का अनुमान है जबकि कॉटन कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (सीसीआई) न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद कर रही है। ऐसे में मौजूदा कीमतों में और भी तेजी की संभावना है।


केसीटी एंड एसोसिएट के मैनेजिंग डायरेक्टर राकेश राठी ने बताया कि निर्यातकों के साथ घरेलू यार्न मिलों की मांग बढऩे से कॉटन की कीमतों में तेजी आई हैं। अहमदाबाद मंडी में शंकर-6 किस्म की कॉटन के दाम बढ़कर शनिवार को 34,200 से 34,300 रुपये प्रति कैंडी हो गया जबकि 16 नवंबर को इसका भाव 33,700-33,800 रुपये प्रति कैंडी था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉटन की कीमतों में तेजी आई है तथा चालू सीजन के पहले दो महीनों (अक्टूबर-नवंबर) में 9 लाख गांठ कॉटन के निर्यात सौदे हो चुके हैं। इस समय पाकिस्तान, बांग्लादेश, चीन, इंडोनेशिया और मलेशिया की आयात मांग अच्छी बनी हुई है।


मुक्तसर कॉटन प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर नवीन ग्रोवर ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉटन की कीमतों में पिछले एक महीने में 5.3 फीसदी की तेजी आ चुकी है। न्यूयॉर्क बोर्ड ऑफ ट्रेड में मार्च महीने के वायदा अनुबंध में कॉटन की कीमतें 14 दिसंबर को 75.09 सेंट प्रति पाउंड पर बंद हुई। जबकि 14 नवंबर को इसका भाव 71.26 सेंट प्रति पाउंड था। विदेशी बाजार में तेजी और घरेलू पैदावार में कमी के कारण मौजूदा कीमतों में और भी तेजी की संभावना है। उत्तर भारत के राज्यों पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में दैनिक आवक 12,000 गांठ, गुजरात में 30,000 गांठ और महाराष्ट्र में 28,000 गांठ की हो रही है।


सीसीआई के महाप्रबंधक (खरीद एवं बिक्री) आर सी सरकार ने बताया कि पहली अक्टूबर से शुरू हुए चालू विपणन सीजन में अभी तक एमएसपी पर 9 लाख गांठ कपास की खरीद हो चुकी है। अभी तक हुई कुल खरीद में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी आंध्र प्रदेश की है। चालू विपणन सीजन में एमएसपी पर 90 लाख गांठ कपास की खरीद की योजना है।


केंद्र सरकार ने चालू विपणन सीजन 2012-13 के लिए मीडियम स्टेपल की कपास का एमएसपी 3,600 रुपये और लांग स्टेपल वाली किस्म की कपास का एमएसपी 3,900 रुपये प्रति क्विंटल तय किया हुआ है। कृषि मंत्रालय के आरंभिक अनुमान के अनुसार चालू सीजन में कपास की पैदावार 334 लाख गांठ होने का अनुमान है जबकि पिछले साल 352 लाख गांठ की पैदावार हुई थी।

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