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Jim Cramer
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2013 में भी स्लो लेन में रहेगी कार बिक्री

डीजल वाहन देंगे पुश - 2013 भी 2012 की ही तरह स्लो ईयर रहेगा। नए साल में भी कारों की बिक्री को रफ्तार डीजल मॉडल्स से ही मिलेगी। छोटी कारों में अधिकांश पेट्रोल मॉडल होने की वजह से यह बाजार ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज नहीं करेगा। एमपीवी बाजार में बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। इस श्रेणी में अधिकांश वाहन डीजल वाले हैं।  -आर.सी. भार्गव, चेयरमैन, मारुति सुजूकी इंडिया लिमिटेड

बजट पर टिकी उम्मीद - अगर बजट में कार उद्योग को बढ़ावा देने के लिहाज से घोषणाएं होती हैं तो यह उद्योग को बढ़ोतरी दे सकता है। 2013 की दूसरी तिमाही में थोड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद है।  -पी. बालेंद्रन, वाइस-प्रेसिडेंट, जनरल मोटर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड

नए साल में भी कार बाजार को लेकर कंपनियां उत्साहित नहीं हैं। कंपनियों का कहना है कि जिन वजहों से 2012 में कार बाजार में रौनक नहीं रही है, वही कारण 2013 में भी बने रहने की आशंका है। लिहाजा, 2013 में भी कारों की बिक्री को खासी रफ्तार नहीं मिलेगी। कंपनियों का कहना है कि 2012 की ही तरह 2013 में भी कारों की बिक्री में बड़ी हिस्सेदारी डीजल मॉडल्स की ही रहेगी। पेट्रोल की कीमत ज्यादा होने की वजह से पेट्रोल कारों के बाजार में रौनक मुश्किल से ही देखने को मिल सकती है।


देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजूकी इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन आर.सी. भार्गव ने 'बिजनेस भास्करÓ को बताया कि 2013 भी 2012 की ही तरह स्लो ईयर रहेगा। उन्होंने कहा कि 2013 में मौजूदा वर्ष के मुकाबले थोड़ी बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। लेकिन कुल मिलाकर स्थिति 2012 की ही तरह रहेगी।


भार्गव ने बताया कि नए साल में भी कारों की बिक्री को रफ्तार डीजल मॉडल्स से ही मिलेगी। जो भी बढ़ोतरी बाजार में दर्ज होगी वह मुख्य तौर पर डीजल मॉडल्स पर निर्भर करेगी। उन्होंने बताया कि पेट्रोल की ज्यादा कीमत, ऊंची ब्याज दरों और ग्राहकों में उत्साह की कमी के चलते 2013 में भी कार बाजार से ज्यादा उम्मीदें नहीं हैं।


भार्गव ने बताया कि पेट्रोल मॉडल्स की बिक्री नए साल में कम रहने का अनुमान है। छोटी कारों में अधिकांश पेट्रोल मॉडल होने की वजह से यह बाजार ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज नहीं करेगा। मल्टी पर्पज व्हीकल्स (एमपीवी) के बाजार को लेकर भार्गव की राय है कि इस बाजार में बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। उन्होंने बताया कि इस श्रेणी में अधिकांश वाहन डीजल वाले हैं। लिहाजा, इस श्रेणी में बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।


जनरल मोटर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के वाइस-प्रेसिडेंट पी. बालेंद्रन ने कहा कि 2013 में बाजार में थोड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद है। लेकिन, यह पूरी तरह से बजट पर निर्भर करेगा। अगर बजट में कार उद्योग को बढ़ावा देने के लिहाज से घोषणाएं होती हैं तो यह उद्योग को बढ़ोतरी दे सकता है। वहीं, उन्होंने बताया कि 2013 की दूसरी तिमाही में थोड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद है।

धीमी बिक्री के फैक्टर
1 पेट्रोल की ऊंची कीमत : भारतीय कार बाजार मुख्य तौर पर छोटी कारों का बाजार है। भारत में कारों की कुल बिक्री में तकरीबन दो-तिहाई हिस्सेदारी छोटी कारों की है। वहीं, छोटी कारों में अधिकांश मॉडल पेट्रोल पर चलने वाले हैं।लिहाजा, पेट्रोल की ऊंची कीमतों के चलते छोटी कारों की बिक्री पर सीधा असर पड़ा है।

2 ब्याज दरें ज्यादा : जब कारों की बिक्री की बारी आती है तो 50 फीसदी से ज्यादा कारें फाइनेंस होती हैं। 2012 में ब्याज दरें बेहद ऊंची रही हैं। इसका सीधा असर कारों की बिक्री पर पड़ा है। ब्याज दरें ऊंची रहने से ग्राहकों का रुझान कार खरीदारी की तरफ कम रहा है।

3 कीमतों में बढ़ोतरी : भले ही कार कंपनियों की बिक्री 2012 में धीमी रही हो, लेकिन कारों की कीमतें साल में तकरीबन चार बार बढ़ी हैं। कंपनियों का कहना है कि कच्चे माल की लागत में बढ़ोतरी और मुद्रा की कीमत में उतार-चढ़ाव के चलते कारों की कीमतें बढ़ाना मजबूरी है। कारों की कीमतों में बढ़ोतरी का भी बिक्री पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

4 उत्साह की कमी : देश की तकरीबन सभी कार निर्माता कंपनियों का मानना है कि मौजूदा माहौल में देश में कार ग्राहकों में उत्साह की कमी है। कंपनियों के पास शोरूम पर इनक्वायरी लेवल तो है लेकिन वह बिक्री में तब्दील नहीं हो रहा है। कंपनियों का कहना है कि ग्राहक मौजूदा समय में बेहद सावधान हैं। लिहाजा, वह कार बिक्री को आगे टाल रहे हैं।

नए मॉडल जिनसे मिल सकती है बिक्री को स्पीड

होंडा की अमेज़
प्रीमियम कार निर्माता कंपनी होंडा कार्स इंडिया लिमिटेड वित्त वर्ष के दौरान एंट्री लेवल सेडान 'अमेजÓ के साथ डीजल कारों की रेस में शामिल होने की तैयारी कर रही है। सूत्रों ने बताया कि होंडा नई सेडान में 4 सिलेंडर 1.5 लीटर आई-डीटेक टर्बो डीजल इंजन का इस्तेमाल करेगी। सूत्रों का कहना है कि इस कार की कीमत 5.5-7.5 लाख रुपये के बीच हो सकती है। कंपनी डीजल बाजार में पहले मॉडल के जरिए खोई हुई बाजार हिस्सेदारी हासिल करने की कोशिश करेगी।

ह्युंडई की आई10
ह्युंडई अपनी सफल हैचबैक आई 10 का डीजल वेरिएंट 2013 में उतारने की तैयारी में है। सूत्रों का कहना है कि कंपनी इस कार को 2013 की दूसरी तिमाही के दौरान बाजार में उतार सकती है। सूत्रों का कहना है कि इस कार में 1.1 लीटर सीआरडीआई इंजन का इस्तेमाल करेगी जो इस कार को 22-25 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज मुहैया कराएगा।

टाटा की डीजल नैनो
टाटा मोटर्स के बारे में खबर है कि कंपनी 2013 के अंत तक नैनो का डीजल मॉडल बाजार में पेश करने की तैयारी में है। हालांकि, अभी तक कंपनी की तरफ से इस बारे में ठोस जानकारी नहीं आई है। लेकिन, सूत्रों का कहना है कि कंपनी नैनो के लिए सबसे छोटा डीजल इंजन बनाने की प्रक्रिया में है। यह डीजल इंजन 2013 के अंत तक नैनो में जगह पा सकता है।

फोर्ड की ईकोस्पोर्ट
फोर्ड इंडिया फिगो की सफलता को ईकोस्पोर्ट के साथ 2013 में दोहराने की तैयारी में है। फोर्ड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रेसिडेंट और मैनेजिंग डायरेक्टर जोगिंदर सिंह का कहना है कि फिगो कंपनी के लिए भारत में गेम चेंजर साबित हुई है और ईकोस्पोर्ट कंपनी के लिए इससे भी ज्यादा बदलावकारी साबित होगी। उन्होंने कहा कि यह मिनी एसयूवी ग्राहकों की चाह से ज्यादा उन्हें मुहैया कराएगी।

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