STOCKS
Home » Market » Stocks »एनएचएआई का बांड अभी नहीं
Warren Buffett
निवेशकों को असली फायदा वर्तमान में हुए विकास से होगा, अतीत में हुए विकास से नहीं।
एनएचएआई का बांड अभी नहीं

अगले साल फरवरी तक इस टैक्स फ्री बांड इश्यू के बाजार में आने के आसार


असमंजस - राजमार्ग मंत्रालय के एक अधिकारी का मत, संगठन के पास अभी करीब दस हजार करोड़ रुपये पड़े हैं, ऐसे में फिर से 10000 करोड़ रुपये जुटाने का क्या तुक है।

पीएफसी बांड की बत्ती गुल - पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (पीएफसी) के टैक्स फ्री बांड को बड़ी निराशा का सामना करना पड़ा है। कंपनी ने 1,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा था। लेकिन इस ऑफर की तिथि एक हफ्ते बढ़ाने के बाद भी इसे सिर्फ 709 करोड़ रुपये मिल सके। इस महीने से सरकार द्वारा शुरू किये गए कंपनियों के टैक्स फ्री बांड अभियान को यह पहला झटका है। (विस्तृत खबर पेज 2 पर)

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) का टैक्स फ्री बांड इश्यू फिलहाल बाजार में नहीं आ रहा है। हो सकता है कि अगले साल फरवरी तक यह बांड इश्यू बाजार में आए। राजमार्ग मंत्रालय के एक अधिकारी का कहना है कि संगठन के पास अभी करीब दस हजार करोड़ रुपये पड़े हैं। ऐसे में फिर से दस हजार करोड़ रुपये जुटाने का क्या तुक है।


केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने वित्त वर्ष 2012-13 के दौरान 53,500 करोड़ रुपये के लांग टर्म बांड जारी करने की इजाजत दी है जिसमें से एनएचएआई को दस हजार करोड़ रुपये के बांड जारी करने हैं।
एनएचएआई के एक वरिष्ठ अधिकारी से जब चालू वर्ष के लिए टैक्स फ्री बांड के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि फिलहाल यह बाजार में नहीं आ रहा है।


कब तक आएगा, इस पर उन्होंने बताया कि शायद अगले फरवरी तक आ जाए। उल्लेखनीय है कि संगठन को पिछले साल भी 10,000 करोड़ रुपये के टैक्स फ्री बांड जारी करने की इजाजत मिली थी जो 29 दिसंबर 2011 को बाजार में आ गया था और पहले दिन ही कंपनी के बांड को दोगुना अभिदान मिल गया था। इश्यू बंद होने तक इसके बांड इश्यू के करीब पांच गुना अभिदान मिला था।


राजमार्ग मंत्रालय में एनएचएआई मामले देखने वाले एक अधिकारी से जब पूछा गया तो उनका कहना है कि अभी तक संगठन पिछले वर्ष के 10,000 करोड़ रुपये का ही उपयोग नहीं कर पाया है। ऐसे में फिर से रुपये जुटाने का क्या तुक है। गौरतलब है कि इस वर्ष एनएचएआई पर्याप्त संख्या में प्रोजेक्ट अवार्ड नहीं कर पाई है, इसलिए इसके पैसे यूं ही पड़े हैं। हालांकि प्रधानमंत्री कार्यालय ने राजमार्ग परियोजनाओं पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया है, इसके बावजूद काम जोर नहीं पकड़ रहा है।


वित्त मंत्रालय ने इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के वास्ते इस वर्ष टैक्स फ्री बांड जारी करने के लिए फिलहाल 10 कंपनियों को 53,500 करोड़ रुपये जुटाने की अनुमति दी है। हालांकि इस वर्ष के लिए 60000 करोड़ रुपये जुटाने का प्रावधान है, लेकिन 6500 करोड़ रुपये के बारे में कोई अधिसूचना जारी नहीं हुई है। अभी जिन कंपनियों को बांड जारी करने की अनुमति मिली है उनमें एनएचएआई, आईआरएफसी, हुडको, एनएचबी, पीएफसी, आरईसी भी शामिल हैं।

आपके विचार
 
अपने विचार पोस्ट करने के लिए लॉग इन करें

लॉग इन करे:
या
अपने बारे में बताएं
 
 

दिखाया जायेगा

 
 

दिखाया जायेगा

 
कोड:
1 + 3

 
Email Print Comment