AUTOMOBILE
Home » Theme » Automobile »Be Prepared For Expensive Cars In The New Year
Peter Drucker
मुनाफा किसी कंपनी के लिए उसी तरह है जैसे एक व्यक्ति के लिए ऑक्सीजन।
नए साल में महंगी कारों के लिए रहें तैयार

कंपनियों जब दाम बढ़ोतरी का ऐलान करती हैं तो यह एक तरह की दबाव की रणनीति होती है। हालांकि कंपनियों को कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते उन्हें दाम बढ़ोतरी का फैसला लेना होता है

कितने बढ़ेंगे दाम
4 लाख तक 2-4 हजार रुपये
4-6 लाख तक 2-8 हजार रुपये
6-8 लाख तक 6-10 हजार रुपये
10 लाख से ज्यादा 12-20 हजार रुपये
लक्जरी कारें 50 हजार-4 लाख रुपये

नए साल के साथ ही देश की सभी प्रमुख कार निर्माता कंपनियों ने अपनी कारों की कीमतों में बढ़ोतरी की तैयारी कर ली है। हालांकि, अभी तक कंपनियों ने मॉडल दर मॉडल जानकारी नहीं दी है कि कौन सा मॉडल कितना महंगा होगा। लेकिन, मोटे तौर पर 4,00,000 रुपये तक की कारों पर 2,000-4,000 रुपये की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके अलावा 4-6 लाख तक की कारों पर 2,000-8,000 रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है।


आठ लाख रुपये तक की कारों पर 6,000-10,000 रुपये तक की बढ़ोतरी संभव है। वहीं, 10 लाख या इससे ज्यादा महंगी कारों पर 12,000-20,000 रुपये तक बढ़ोतरी संभव है। इसके अलावा लक्जरी कारों पर 50,000-4,00,000 रुपये तक की बढ़ोतरी संभव है। देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजूकी से लेकर ह्युंडई, जीएम, टोयोटा, फोर्ड, रेनॉ, महिंद्रा आदि सभी कंपनियां अपने उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान कर चुकी हैं।


कहने को तो 2012 कार निर्माता कंपनियों के लिए बिक्री के लिहाज से बहुत बेहतर साल साबित नहीं हुआ है। अधिकांश कार निर्माता कंपनियों को उम्मीद से कम ही बिक्री हासिल हुई है। यही कारण रहा है कि अधिकांश कार निर्माता कंपनियों ने 2012 की दूसरी छमाही के साथ ही भारी-भरकम डिस्काउंट जारी रखे हुए हैं।


लेकिन, एक तरफ तो कार निर्माता कंपनियां डिस्काउंट मुहैया करा रही हैं वहीं दूसरी तरफ कंपनियां दाम बढ़ोतरी से भी गुरेज नहीं कर रही हैं। 2012 में ही कार कंपनियां कम से कम चार बार दाम बढ़ोतरी का ऐलान कर चुकी हैं। दरअसल, कंपनियों जब दाम बढ़ोतरी का ऐलान करती हैं तो यह एक तरह की दबाव की रणनीति होती है। काफी संख्या में ग्राहक दाम बढ़ोतरी से पहले कारें खरीद लेते हैं। कंपनियों का कहना है कि रुपये में जारी उतार-चढ़ाव और कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते उन्हें दाम बढ़ोतरी का फैसला लेना होता है।


दाम बढ़ोतरी की वजह
देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजूकी इंडिया लिमिटेड के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (मार्केटिंग एंड सेल्स) मयंक पारीक ने कहा कि हमारे उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी होगी। उन्होंने कहा कि यह बढ़ोतरी हर कार मॉडल पर निर्भर करेगी लेकिन बढ़ोतरी 20,000 रुपये तक हो सकती है।


उन्होंने कहा कि कंपनी के मार्जिन पर मुद्रा की कीमत में उतार-चढ़ाव के चलते प्रभाव पड़ रहा है जिसकी वजह से दाम बढ़ोतरी की मजबूरी है। वहीं, जनरल मोटर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के वाइस-प्रेसिडेंट पी. बालेंद्रन ने कहा कि हर मॉडल के हिसाब से कीमतों में बढ़ोतरी 1-3 फीसदी की हो सकती है। कंपनी जनवरी से यह बढ़ोतरी करेगी।


उन्होंने कहा कि कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी और मुद्रा की कीमत में उतार-चढ़ाव के चलते कंपनी को दाम बढ़ोतरी करनी होगी। होंडा कार्स ने भी कहा है कि कंपनी दाम बढ़ोतरी पर विचार कर रही है लेकिन बढ़ोतरी कितनी होगी, अभी इस पर फैसला नहीं हुआ है। टोयोटा किर्लोस्कर भी अपने उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी करने जा रही है। कंपनी 1 जनवरी 2013 से अपने विभिन्न उत्पादों की कीमतों में 1-2 फीसदी की बढ़ोतरी होगी।


दबाव की रणनीति
कार कंपनियों का मौजूदा माहौल में कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान दरअसल दबाव की रणनीति है। एक ओर तो कार कंपनियां 50-60 हजार रुपये तक के डिस्काउंट और ऑफर्स मुहैया करा रही हैं। वहीं, दूसरी ओर कंपनियां कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान कर रही हैं। ऑटोमोबाइल बाजार के जानकारों के मुताबिक, यह कंपनियों की दबाव की रणनीति है।


दरअसल, दिसंबर महीने के दौरान कार डीलरों के पास जो इनवेंटरी होती है उसे समाप्त करने के लिए कंपनियों का दाम बढ़ोतरी का ऐलान असरकारी होता है। दाम बढ़ोतरी के ऐलान के बाद बहुत से ग्राहक दिसंबर में ही कारें खरीद लेते हैं। इससे डीलरों के यहां खड़ी इनवेंटरी को कम करने में मदद मिलती है।


डिस्काउंट होंगे कम
देश की प्रमुख कार निर्माता कंपनियां एक ओर नए साल के आगाज के साथ ही कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान कर चुकी हैं तो दूसरी तरफ कंपनियां डिस्काउंट और ऑफर्स में कटौती की तैयारी कर रही हैं। कंपनियों का कहना है कि मौजूदा समय में जो ऑफर्स और डिस्काउंट दिए जा रहे हैं वह अधिकतम हैं।


ऐसे में आगे जाकर डिस्काउंट में बढ़ोतरी तो दूर की बात है। कंपनियां 2013 की मैन्यूफैक्चरिंग वाली कारों पर डिस्काउंट कम करने की तैयारी में हैं। गौरतलब है, मौजूदा समय में कार निर्माता कंपनियां अपने मॉडल्स की एक्स-शोरूम कीमत का 10 फीसदी हिस्सा तक डिस्काउंट और ऑफर्स के रूप में दे रहे हैं।


एक प्रमुख कार निर्माता कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जिस स्तर पर फिलहाल कंपनियां और डीलर डिस्काउंट दे रहे हैं वह कतई भी फायदे का सौदा नहीं है। कंपनियां आमतौर पर त्योहारी मौसम में डिस्काउंट देती हैं। लेकिन, 2012 में कंपनियां पिछले 6-8 महीनों से भारी-भरकम डिस्काउंट मुहैया करा रही हैं। ऐसे में कंपनियों के मुनाफे पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। फिलहाल, डीलरों के यहां खड़ी इनवेंटरी को कम करने के लिए डिस्काउंट जारी रखना मजबूरी हैं। लेकिन, नए साल के शुरुआत से ही कंपनियां डिस्काउंट कम कर देंगी।

Light a smile this Diwali campaign
आपके विचार
 
अपने विचार पोस्ट करने के लिए लॉग इन करें

लॉग इन करे:
या
अपने बारे में बताएं
 
 

दिखाया जायेगा

 
 

दिखाया जायेगा

 
कोड:
8 + 6

 
Email Print Comment