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Humphrey B Neill
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बैंकों के वायदा कारोबार से जुड़ा क्लॉज हटने के बाद पारित हुआ बैंकिंग बिल

आर्थिक सुधारों की गाड़ी को आगे बढ़ाते हुए लोकसभा ने मंगलवार को बैंकिंग संशोधन विधेयक, 2011 को पारित कर दिया। हालांकि, इसके लिए सरकार को पहले वायदा कारोबार करने के लिए बैंकों को दी गई अनुमति से संबंधित प्रावधान को वापस लेने तथा इस सेक्टर को भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के दायरे से बाहर रखने के बारे में घोषणा करनी पड़ी। वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने बैंकिंग कानून (संशोधन) विधेयक, 2011 पर हुई चर्चा के समापन के दौरान कहा, 'चूंकि इस विधेयक का पारित होना मेरे लिए काफी अहम है इसलिए मैं विवादास्पद क्लॉज को वापस लेने के बाद इस विधेयक को प्रस्तुत कर रहा हूं।'


बैंकिंग नियमन प्रणाली को मजबूत बनाने से संबंधित बैंकिंग संशोधन विधेयक बाद में लोकसभा में ध्वनिमत से पारित हो गया। इस विधेयक में निजी क्षेत्र के बैंकों में निवेशकों के वोटिंग अधिकार को मौजूदा 10 फीसदी से बढ़ाकर 26 फीसदी करने का प्रावधान है। सदन के सदस्यों द्वारा व्यक्त की गई यह आशंका कि बैंकिंग सुधार से बड़ी संख्या में नौकरियों का खात्मा होगा, का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक चालू वित्त वर्ष के दौरान लगभग 84,500 नई भर्तियां करेंगे तथा हर साल 6,000 बैंक शाखाएं खोली जाएंगी। सूत्रों ने बताया कि बीमा सुधार विधेयक, जिसमें निजी क्षेत्र की बीमा कंपनियों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की अधिकतम सीमा को मौजूदा 26 फीसदी से बढ़ाकर 49 फीसदी किए जाने का प्रावधान है, को अब संसद के अगले सत्र में पेश किया जा सकता है।

बैंक कर्मचारी कल कर सकते हैं हड़ताल
नई दिल्ली - चार बैंकों के कर्मचारी संगठनों ने बैंकिंग कानून (संशोधन) विधेयक और बैंकों के विलय का विरोध करते हुए गुरुवार से हड़ताल पर जाने की धमकी दी है। इंडियन बैंक्स एसोसिएशन ने कहा कि अगर बैंकों के कर्मचारियों ने 20 दिसंबर को हड़ताल पर रहने की चेतावनी जारी की है तो बैंकों के दफ्तरों या शाखाओं में कामकाज प्रभावित होगा। अखिल भारतीय कर्मचारी संघ के महासचिव सी. एच. वेंकटचलम के मुताबिक, जबसे सरकार ने नवउदारवादी आर्थिक सुधार नीतियों की शुरुआत की है, तभी से हम इसका विरोध कर रहे हैं। संघों ने दावा किया है कि इस हड़ताल में तकरीबन 5 लाख कर्मचारी शामिल होंगे। (ब्यूरो)

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