STOCKS
Home » Market » Stocks »कार्रवाई होगी रिटर्न की गारंटी देने वालों पर
Richard Branson
जीवन में जो चीज रोमांचित करे उसे पूंजी में बदल देना ही उद्यमिता है।
कार्रवाई होगी रिटर्न की गारंटी देने वालों पर

पैसे की निगरानी:- जिंस वायदा कारोबार में ब्रोकर जो पैसा लगा रहे हैं, उस पर भी आयोग की नजर है। इसके अलावा जिंस वायदा कारोबार में पारदर्शिता लाने के लिए आयोग द्वारा कुछ और भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।

जिंस वायदा कारोबार में निवेश करने पर रिटर्न की गारंटी देने वाले ब्रोकरों पर वायदा बाजार आयोग (एफएमसी) सख्त कदम उठाने जा रहा है। इस तरह के मामले सामने आने पर संबंधित ब्रोकर की सदस्यता समाप्त की जा सकती है। इस तरह की शिकायतें हैं कि राजस्थान, मध्य प्रदेश और हरियाणा के छोटे शहरों में ब्रोकर आम लोगों को रिटर्न की गारंटी देने के संबंध में ई-मेल और मोबाइल मैसेज भेजकर निवेश के लिए लुभा रहे हैं।


उपभोक्ता मामले मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कुछ इस तरह की शिकायतें मिल रही हैं कि ब्रोकर निवेशकों को लुभाने के लिए निवेश करने पर रिटर्न की गारंटी दे रहे है। ई-मेल और मोबाइल फोन पर मैसेज के जरिये निवेशकों को निवेश करने पर रिटर्न की गारंटी दी जा रही है। राजस्थान, मध्य प्रदेश और हरियाणा के कई छोटे शहरों के ब्रोकर इस तरह के प्रलोभन दे रहे हैं। इसलिए एफएमसी द्वारा इसकी जांच की जा रही है।


अधिकारी के अनुसार अगर इस तरह का कोई मामला सामने आया तो एफएमसी उस ब्रोकर की सदस्यता भी समाप्त कर सकता है।
उन्होंने बताया कि जिंस वायदा कारोबार में ब्रोकर जो पैसा लगा रहे हैं, उस पर भी आयोग की नजर है। इसके अलावा जिंस वायदा कारोबार में पारदर्शिता लाने के लिए आयोग द्वारा कुछ और भी सख्त कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जिंसों में तेजी-मंदी मांग और सप्लाई के आधार पर आती है।


यही कारण है कि ग्वार और ग्वार गम के वायदा कारोबार पर रोक लगा देने के बावजूद हाजिर मंडियों में इनकी कीमतें तेज ही बनी हुई हैं। एफएमसी द्वारा अतिरिक्त मार्जिन लगा देने और पोजीशन लिमिट में कमी कर देने से वायदा बाजार में चने और सरसों की कीमतों में गिरावट आई है।


एनसीडीईएक्स पर मई महीने के वायदा अनुबंध में चने का भाव 22 मार्च को बढ़कर 4,019 रुपये प्रति क्विंटल हो गया था जबकि शनिवार को इसका भाव 3,619 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।


इसी तरह से सरसों का भाव भी इस दौरान 4,009 रुपये से घटकर 3,928 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। कृषि मंत्रालय के दूसरे आरंभिक अनुमान के अनुसार वर्ष 2011-12 में चने और सरसों की पैदावार में कमी आने का अनुमान है।

आपके विचार
 
अपने विचार पोस्ट करने के लिए लॉग इन करें

लॉग इन करे:
या
अपने बारे में बताएं
 
 

दिखाया जायेगा

 
 

दिखाया जायेगा

 
कोड:
7 + 5

 
Email Print Comment