CORPORATE
Home » News Room » Corporate »You Wait To Buy Flat Prices Expected To Collapse
Warren Buffett
निवेश की दुनिया में भव‍िष्‍य के बजाय अतीत को देखना ज्‍यादा बड़ी समझदारी है।

फ्लैट खरीदना है तो रुकिए कीमतें लुढ़कने की उम्मीद

बिजनेस भास्कर नई दिल्ली | Feb 08, 2013, 12:04PM IST

खुलासा - राष्ट्रीय आवास बैंक ने कहा, एनसीआर में मकानों की ओवर सप्लाई

4 फीसदी तक गिरावट मूल्य में
बीते तीन महीनों में देश भर के 11 शहरों में मकान तीन से चार फीसदी सस्ते हुए हैं। इन शहरों में दिल्ली और एनसीआर भी शामिल हैं। अगले तीन महीनों की प्रवृत्ति (ट्रेंड) के बारे में बताया गया कि दिल्ली एनसीआर में मकान की कीमतें कुछ घटेंगी (माडरेट होगी)। इसकी वजह ओवर सप्लाई है।

तीन माह तक
अन्य शहरों में भी मकान के दाम में खास तब्दीली नहीं होने जा रही है। अगले तीन महीने में वहां कीमतें लगभग स्थिर रहेंगी। बीते तीन महीनों के दौरान जहां मकान के दाम बढ़े हैं वहां भी डेढ़ फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है। अभी जिस हिसाब से नए प्रोजेक्ट आ रहे हैं, उसे देखते हुए अब और दाम बढऩे की कोई उम्मीद नहीं है।

ग्रामीण क्षेत्र में नए मकानों की सप्लाई बढ़ाने का सुझाव

यदि आप मकान खरीदने की सोच रहे हैं तो आपके लिए सुकूनदेह खबर है कि फिलहाल मकान की कीमतें बढऩे नहीं जा रही हैं।

दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में तो मकान की कीमतें कुछ घटेंगी। यह खुलासा राष्ट्रीय आवास बैंक द्वारा तैयार एक रिपोर्ट से हुआ है जो गुरूवार को यहां जारी हुआ। राष्ट्रीय आवास बैंक देश में होम लोन क्षेत्र को रेगुलेट करने वाली शीर्ष संस्था है।

'भारत में आवास की प्रकृति एवं प्रगति की रिपोर्ट' शीर्षक से तैयार इस रिपोर्ट को जारी करते हुए राष्ट्रीय आवास बैंक के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आर वी वर्मा ने बताया कि देश में इस समय 24.5 करोड़ यूनिट मकान हैं। हालांकि मकान की आवश्यकता 24.7 करोड़ की है इसलिए और नए मकान बनाने की आवश्यकता है।

नए मकानों की आपूर्ति सिर्फ मेट्रो और बड़े शहरों में बढ़ रही है जबकि आवश्यकता चाहे शहरी क्षेत्र में हो या ग्रामीण क्षेत्र में, सभी जगह बढ़ रही है। ग्रामीण क्षेत्र में नए मकानों की आपूर्ति बढ़ाने के लिए कुछ विशेष उपाय करने की आवश्यकता है।

उन्होंने बताया कि पूरे देश में मकानों की तो कमी है लेकिन दिल्ली और एनसीआर में मकानों की ओवर सप्लाई है। हालांकि उन्होंने सही सही आंकड़े नहीं बताये कि कितने मकानों की ओवर सप्लाई है।

उन्होंने बताया कि पिछले तीन महीनों में देश भर के 11 शहरों में मकान तीन से चार फीसदी सस्ते हुए हैं। इन शहरों में दिल्ली और एनसीआर भी शामिल है। अगले तीन महीनों की प्रवृत्ति (ट्रेंड) के बारे में उन्होंने बताया कि दिल्ली एनसीआर में मकान की कीमतें कुछ घटेंगी (माडरेट होगी)। इसकी वजह ओवर सप्लाई है।

उनके मुताबिक जिन बिल्डरों ने मकान बनाये हैं, उन्होंने किसी न किसी बैंक या वित्तीय संस्थानों से पैसा लिया है।उन पर बैंकों का दबाव है कि जल्द से जल्द इनवेंट्री खत्म करें ताकि प्रोजेक्ट वाईबल हो सके।इसलिए उन्हें इन्वेंट्री खत्म करने के लिए मकान की कीमतों में थोड़ी कमी करनी होगी।

देश के अन्य शहरों में भी मकान की कीमतों में कोई खास तब्दीली नहीं होने जा रही है। अगले तीन महीने के दौरान वहां कीमतें करीब करीब स्थिर रहेंगी। वर्मा ने बताया कि पिछले तीन महीने के दौरान जिन शहरों में मकानों की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है वहां भी महज एक से डेढ़ फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। अभी जिस हिसाब से नए प्रोजेक्ट आ रहे हैं, उसे देखते हुए अभी और कीमत बढऩे की कोई संभावना नहीं है।

 रिपोर्ट के मुताबिक मैन्यूफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर में भले ही विकास दर कुंद हुआ हो लेकिन आवास क्षेत्र में सुस्ती का कोई असर नहीं है। यहीं नहीं, बैंकों का भी आवासीय क्षेत्र में वित्तपोषण बढ़ रहा है।

आपकी राय

 

करोड़ यूनिट मकान हैं देश में इस समय, हालांकि मकान की आवश्यकता 24.7 करोड़ की है।

आपके विचार
 
अपने विचार पोस्ट करने के लिए लॉग इन करें

लॉग इन करे:
या
अपने बारे में बताएं
 
 

दिखाया जायेगा

 
 

दिखाया जायेगा

 
कोड:
9 + 6

 
Email Print Comment