CORPORATE
Home » News Room » Corporate »Switzerland Provide Data Of Swiss Bank Indian Account Holder
Humphrey B Neill
जब बाजार में तेजी हो तो अपना दिमाग न लगाएं।

अगले महीने खुलेगी पोल, स्विस बैंक में किसने जमा किया कितना पैसा

agency | Jan 22, 2013, 17:35PM IST
अगले महीने खुलेगी पोल, स्विस बैंक में किसने जमा किया कितना पैसा
दावोस: स्विटजरलैंड अगले महीने से भारत समेत अन्य देशों के अनुरोध पर व्यक्तियों के समूह के बारे में बैंकिंग तथा अन्य ब्योरा उपलब्ध करा सकेगा, हालांकि उनकी व्यक्तिगत पहचान का खुलासा नहीं करेगा। हालांकि इसके लिये जरूरी है कि अनुरोध में यह साबित करना होगा कि संबंधित व्यक्तियों पर कर चोरी का मामला बनता है। 
   
स्विस वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नया कर प्रशासनिक सहायता कानून एक फरवरी से अमल में आएगा और इस आशय का प्रस्ताव स्विटजरलैंड की संघीय अदालत ने पारित किया है।   
   
पिछले कुछ साल से स्विटजरलैंड की सरकार पर स्विस बैंकों की गोपनीयता खत्म करने को लेकर खासा वैश्विक दबाव है। इसी दबाव के मददेनजर यह कदम उठाया जा रहा है। ऐसा माना जाता है कि स्विस बैंक दूसरे देशों में गलत तरीके से कमाये गये धन के पनाहगाह के रूप में काम करते हैं और अपने ग्राहकों की गोपनीयता प्रावधानों का हवाला देकर खातों के बारे में जानकारी साझा नहीं करते।
   
स्विटजरलैंड की सरकार उन देशों के साथ सूचनाओं को साझा करती है, जिनके साथ सूचनाओं के आदान-प्रदान का समझौता या कर संधि है। ऐसे देशो में भारत भी शामिल है। लेकिन अबतक व्यक्तियों के समूह के बारे में अनुरोध को स्वीकार नहीं किया जाता है।
 
 
विश्व आर्थिक मंच की सालाना बैठक में भाग लेने यहां आये अधिकारी ने कहा कि नया कर प्रशासनिक सहायता कानून (टीएएए) के अगले महीने से अमल में आने के साथ अंतरराष्ट्रीय मानकों के साथ समूह के अनुरोध को स्वीकार किया जाएगा।
  
स्विस फेडरल काउंसिल के प्रस्ताव के अनुसार स्विस बैंक के ग्राहकों के बारे में जानकारी हासिल करने के लिये इस बारे में स्पष्टीकरण जरूरी है कि मामला कर चोरी का है। कानून को स्विटजरलैंड की संसद ने 28 सितंबर 2012 को मंजूरी दी। इस पर 17 जनवरी को जनमत संग्रह कराया जाना था लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
    
टीएएए के एक फरवरी 2013 को अमल में आने के बाद वह दोहरा कर संधि से संबद्ध मौजूदा अध्यादेश का स्थान लेगा। आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (ओईसीडी) द्वारा दो देशों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिये नये अंतरराष्ट्रीय मानक तय किये जाने के बाद यूरोपीय देश ने यह निर्णय किया है। 
   
ओईसीडी विकसित देशों का संगठन है और कर तथा अन्य आर्थिक मुददों पर वैश्विक नीति मानक तैयार करता है। जानकारी उस स्थिति में नहीं दी जाएगी, जब कर चोरी या अन्य अपराध के बारे में ठोस संकेत नहीं होंगे। अगर सूचना केवल कुछ दिलचस्प जानकारी हासिल करने के लिये मांगी जाती है, तो स्विस अधिकारी उसे देने से मना कर सकते हैं।
आपके विचार
 
अपने विचार पोस्ट करने के लिए लॉग इन करें

लॉग इन करे:
या
अपने बारे में बताएं
 
 

दिखाया जायेगा

 
 

दिखाया जायेगा

 
कोड:
9 + 3

 
Email Print Comment