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Jim Cramer
काश! पैसे पेड़ पर उगते लेकिन पैसा कमाने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है।

बिगड़ गया रेल यात्रियों का बजट

बिजनेस भास्कर नई दिल्ली | Jan 10, 2013, 00:04AM IST
बिगड़ गया रेल यात्रियों का बजट

सभी दर्जों में किराया बढ़ाया गया है थोड़ा-बहुत
किराये में बढ़ोतरी प्रति किलोमीटर के हिसाब से
22 जनवरी से फेयर में वृद्धि होगी लागू
रेलवे को साल में होगी त्र6,600 करोड़ की अतिरिक्त आमदनी

महंगी यात्रा 2 रेल बजट से पहले ही यात्री किराया बढ़ाने की घोषणा

आखिरकार वही हुआ जिसकी आशंका थी। रेल बजट पेश होने से करीब डेढ़ महीने पहले रेलगाडिय़ों के किराये में बढ़ोतरी की घोषणा कर दी गई है। किराये में वृद्धि 22 जनवरी से लागू हो जाएगी। इस बार किराया बढ़ाने में बेहद सामाजिक तरीका अपनाया गया है, मतलब सभी दर्जों में थोड़ा-बहुत किराया जरूर बढ़ाया गया है।

इस कदम से रेलवे को साल में तकरीबन 6,600 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आमदनी होगी। वहीं, दूसरी ओर आम आदमी समेत सभी वर्गों का बजट बिगड़ेगा।

रेल मंत्री पवन कुमार बंसल ने बुधवार को यहां पत्रकारों को संबोधित करते हुए बताया कि पिछले एक दशक से रेलवे के किराये में बढ़ोतरी नहीं हुई थी। इसमें दरअसल कमी ही हुई थी। इससे यात्री सेवा पर क्रॉस सब्सिडी बढ़ रही है। इसे कम करने के लिए सभी श्रेणी के टिकट को महंगे करने का निर्णय लिया गया है।

पैसेंजर ट्रेन की सेकेंड क्लास (सबअर्बन) के किराये में प्रति किलोमीटर दो पैसे, सेकेंड क्लास नॉन-सबअर्बन में तीन पैसे, सेकेंड क्लास मेल/एक्सप्रेस में 4 पैसे, स्लीपर क्लास में 6 पैसे, एसी चेयर कार में 10 पैसे, एसी थ्री टियर में 10 पैसे, प्रथम श्रेणी में तीन पैसे, एसी टू टियर में 6 पैसे और फस्र्ट एसी के किराये में 10 पैसे प्रति किलोमीटर की वृद्धि की गई है।

हालांकि, चालू वित्त वर्ष के बजट में भी फस्र्ट क्लास के किराये में 10 पैसे, एसी टू टियर में 15 पैसे और फस्र्ट एसी के किराये में 30 पैसे प्रति किलोमीटर की वृद्धि की गई थी।

बंसल ने बताया कि वर्ष 2010-11 के दौरान यात्री सेवाओं में 19,964 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था जिसकी भरपाई (क्रॉस सब्सिडाइजेशन) माल भाड़े से की गई थी। चालू वित्त वर्ष में इसके बढ़कर 25,000 करोड़ रुपये तक पहुंच जाने का अनुमान है। पिछले एक दशक से यदि इस पर ध्यान दिया जाता तो वर्ष के मध्य में ऐसा कदम उठाने की जरूरत नहीं पड़ती।

उनके मुताबिक छठे वेतन आयोग की सिफारिशों पर अमल करने के कारण रेलवे पर 73,000 करोड़ रुपये का बोझ बढ़ा है, लेकिन यात्रियों पर इसका कोई असर नहीं पडऩे दिया गया। इसी के साथ इनपुट कास्ट भी बढ़ी है। सब तरफ से बढ़ रहे दबावों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। किराये में बढ़ोतरी 22 जनवरी से लागू हो जाएगी।

उन्होंने यह आश्वासन भी दिया कि जब वित्त वर्ष 2013-14 का रेल बजट पेश किया जाएगा तो उसमें किराये में कोई वृद्धि नहीं की जाएगी। पवन बंसल की प्रेस कांफ्रेंस के बाद जहां एक ओर रेल मंत्रालय के अधिकारी राहत की सांस लेते नजर आए, वहीं दूसरी ओर यात्रियों की भृकुटि तनी हुई थी।

प्रेस क्लब रिजर्वेशन काउंटर पर टिकट बनवाने एक यात्री को जब किराये में बढ़ोतरी की जानकारी दी गई तो उन्होंने इसे अन्यायपूर्ण कदम बता दिया। उसका कहना था कि बजट से पहले ऐसा नहीं किया जाना चाहिए।

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आखिरकार वही हुआ जिसकी आशंका थी। रेल बजट पेश होने से करीब डेढ़ महीने पहले रेलगाडिय़ों के किराये में बढ़ोतरी की घोषणा कर दी गई है।

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