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शुल्क बढऩे से पूर्व सोने का भारी आयात

बिजनेस ब्यूरो | Feb 16, 2013, 03:47AM IST
शुल्क बढऩे से पूर्व सोने का भारी आयात

पिछले माह जनवरी में आयात शुल्क बढऩे से पहले व्यापारियों ने जमकर सोने का आयात किया। इस वजह से जनवरी में सोने का आयात पिछले साल के जनवरी के मुकाबले करीब 23 फीसदी बढ़ गया।

पिछले 18 माह के दौरान सोने के आयात यह सबसे बड़ी मासिक बढ़ोतरी रही। सरकार बढ़ते करेंट एकाउंट डेफिसिट (सीएडी) पर अंकुश लगाने के लिए सोने का आयात नियंत्रित करना चाहती है। इसी क्रम में पिछले माह सोने के आयात पर शुल्क 4 फीसदी से बढ़ाकर 6 फीसदी किया गया।

बाम्बे बुलियन एसोसिएशन के अनुसार पिछले माह जनवरी में 100 टन सोने का आयात किया गया। पिछले साल 2012 के दौरान औसत मासिक आयात के मुकाबले जनवरी का आयात करीब 40 फीसदी ज्यादा रहा।

मोती लाल ओसवाल कमोडिटीज के एसोसिएट वाइस प्रेसीडेंट नवनीत दमानी ने कहा कि पिछले वर्ष 2012 के दौरान कुल 860 टन सोने का आयात किया गया। इसे देखते हुए जनवरी में 100 टन सोने का आयात वास्तव में काफी ज्यादा है।

पिछली जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान देश के सकल घरेलू उत्पादन (जीडीपी) के मुकाबले सीएडी बढ़कर 5.4 फीसदी के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।

इससे चिंतित सरकार ने सोने के आयात को नियंत्रित करने के लिए आयात शुल्क में बढ़ोतरी की। देश के कुल आयात में क्रूड ऑयल के बाद सोने के आयात के आयात पर सबसे ज्यादा विदेशी मुद्रा खर्च हो रही है।

एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहित काम्बोज ने कहा कि जनवरी के पहले सप्ताह में आयात शुल्क बढऩे की अटकलें लगने के बाद कारोबारियों ने बड़ी मात्रा में सोने का आयात करके स्टॉक कर लिया। इसके बाद सरकार ने 21 जनवरी को आयात शुल्क में बढ़ोतरी कर दी।

कारोबारियों को आशंका है कि अगर सोने का आयात नियंत्रित नहीं हुआ तो अगले आम बजट में भी सरकार ऐसे उपाय कर सकती है जिससे आयात पर अंकुश लगे। भारतीय रिजर्व बैंक ने भी बैंकों द्वारा सोने के आयात को सीमित करने के संकेत दिए हैं।
 

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पिछले माह जनवरी में आयात शुल्क बढऩे से पहले व्यापारियों ने जमकर सोने का आयात किया।

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