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मुनाफा किसी कंपनी के लिए उसी तरह है जैसे एक व्यक्ति के लिए ऑक्सीजन।

बेहतर बजट की उम्मीद में बढ़े बाजार

बिजनेस भास्कर/एजेंसियां नई दिल्ली/मुंबई | Feb 20, 2013, 01:57AM IST

बजट से उम्मीद - घाटा प्रबंधन को लेकर इस बजट में कुछ खेल बदलकर रख देने में सक्षम सुधार किए जाने की उम्मीद नजर आ रही है। हालांकि, मंगलवार की तेजी विशुद्ध रैली न होकर तरलता की वजह से आई तेजी ही थी। - देवेन चोकसी, एमडी, के. आर. चोकसी सिक्युरिटीज

और तेजी संभव - बिकवाली के अभाव के चलते शेयरों में शॉर्ट कवरिंग को बढ़ावा मिला, जिसकी वजह से मार्केट में ट्रेडिंग रेंज से ब्रेकआउट देखने को मिला। अगर निफ्टी यहां से 5,969 अंक का स्तर तोड़ देता है तो बाजारों में यह बढ़त और तेज होने की संभावना है। - अमर अंबानी,  रिसर्च प्रमुख, आईआईएफएल

वित्त मंत्री पी. चिदंबरम द्वारा वित्त वर्ष 2013-14 के बजट में राजकोषीय व चालू खाता घाटे को कम करने के लिए ठोस कदम उठाए जाने की उम्मीद में निवेशकों ने विशेष रूप से डिफेंसिव माने जाने वाले स्टॉक्स में मंगलवार को दोपहर बाद जमकर लिवाली की।

इसके चलते, बांबे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का संवेदी सूचकांक 134.64 अंक की बढ़त दर्ज करते हुए 19,635.72 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के निफ्टी में भी 41.50 अंक की तेजी रही और यह 5,939.70 अंक पर बंद हुआ।

मंगलवार को बाजारों की शुरुआत ही मजबूती के साथ हुई और बीएसई सेंसेक्स 19,523.70 अंक पर खुला। दोपहर दो बजे के आसपास तक बाजार एक बेहद सीमित दायरे में कारोबार करते रहे। लेकिन, इसके बाद बाजार में एकदम से लिवाली शुरू हो गई और सेंसेक्स एकबारगी बढ़कर दिन के उच्च स्तर 19,671.17 अंक तक पहुंच गया।

ब्रोकरों का कहना था कि वित्त वर्ष 2013-14 के बजट में वित्त मंत्री पी. चिदंबरम द्वारा बढ़ते राजकोषीय व चालू खाता घाटे पर लगाम लगाने के लिए ठोस कदम उठाए जाने की उम्मीद है। इसी उम्मीद में बाजारों में उत्साह का माहौल बन रहा है।

इसी उत्साह में डिफेंसिव माने जाने वाले आईटीसी, एचयूएल, सिप्ला व डॉ. रेड्डीज जैसे शेयरों में लिवाली बढ़ गई। उधर, यूरोप में आर्थिक हालात सुधरने का असर आईटी सेक्टर की कंपनियों पर दिखाई दिया और बीएसई का आईटी सेक्टोरल इंडेक्स 1.66 फीसदी चढ़ गया। साथ ही, रियल्टी व पीएसयू सेक्टर की कंपनियों के शेयरों में भी अच्छी लिवाली देखी गई।

के. आर. चोकसी सिक्युरिटीज के मैनेजिंग डायरेक्टर देवेन चोकसी ने कहा कि घाटा प्रबंधन को लेकर इस बजट में कुछ खेल बदलकर रख देने में सक्षम सुधार किए जाने की उम्मीद नजर आ रही है। हालांकि, मंगलवार की तेजी विशुद्ध रैली न होकर तरलता की वजह से आई तेजी ही थी।

आईआईएफएल के रिसर्च प्रमुख अमर अंबानी ने कहा कि बिकवाली के अभाव के चलते शेयरों में शॉर्ट कवरिंग को बढ़ावा मिला, जिसकी वजह से मार्केट में ट्रेडिंग रेंज से ब्रेकआउट देखने को मिला। अगर निफ्टी यहां से 5,969 अंक का स्तर तोड़ देता है तो बाजारों में यह बढ़त और तेज होने की संभावना है।

ग्लोबल स्तर पर देखें तो एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख रहा। हांगकांग, चीन व जापान के बाजारों में 0.31 फीसदी से लेकर 1.60 फीसदी तक की गिरावट रही।जबकि, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया व ताइवान के बाजारों में 0.20 फीसदी से लेकर 0.23 फीसदी तक की तेजी रही।

दोपहर बाद यूरोपीय बाजारों में अच्छी तेजी देखी जा रही थी।खबर लिखे जाते समय ब्रिटेन के एफटीएसई में 0.35 फीसदी, जर्मनी के डेक्स में 0.88 फीसदी और फ्रांस के सीएसी में 1.09 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार हो रहा था।

घरेलू स्तर पर बीएसई सेंसेक्स में शामिल 30 में से 22 कंपनियों के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए। ओएनजीसी के शेयर का भाव 4.03 फीसदी, बजाज ऑटो में 2.36 फीसदी, मारुति सुजुकी में 2.19 फीसदी, भेल में दो फीसदी, सिप्ला में 1.96 फीसदी, विप्रो में 1.90 फीसदी, स्टरलाइट में 1.63 फीसदी, एनटीपीसी में 1.62 फीसदी, इंफोसिस में 1.53 फीसदी, एचयूएल में 1.47 फीसदी, डॉ. रेड्डीज में 1.27 फीसदी, टीसीएस में 1.25 फीसदी और हिंडाल्को में 1.04 फीसदी की बढ़त रही।

दूसरी ओर भारती एयरटेल का शेयर 1.94 फीसदी, हीरो मोटोकॉर्प में 1.37 फीसदी, गेल इंडिया में 1.37 फीसदी, कोल इंडिया में 1.35 फीसदी व जिंदल स्टील में 0.79 फीसदी की गिरावट रही।

चौतरफा लिवाली का असर स्मॉल कैप व मिड कैप सेगमेंट के शेयरों पर भी दिखाई दिया और बीएसई का स्मॉल कैप इंडेक्स 0.94 फीसदी व मिड कैप इंडेक्स 1.12 फीसदी बढ़ गया। कुल मिलाकर बाजार की धारणा खासी सकारात्मक रही।

बाजारों में सूचीबद्ध कुल कंपनियों में से 1,371 के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि गिरावट दर्ज करने वाले शेयरों की संख्या 742 पर रही। एफआईआई ने सोमवार को घरेलू शेयरों में 142.91 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया।

ग्लोबल हालात - ग्लोबल स्तर पर देखें तो एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख रहा। हांगकांग, चीन व जापान के बाजारों में 0.31 फीसदी से लेकर 1.60 फीसदी तक की गिरावट रही। जबकि, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया व ताइवान के बाजारों में 0.20 फीसदी से लेकर 0.23 फीसदी तक की तेजी रही।

दोपहर बाद यूरोपीय बाजारों में अच्छी तेजी देखी जा रही थी। खबर लिखे जाते समय ब्रिटेन के एफटीएसई में 0.35 फीसदी, जर्मनी के डेक्स में 0.88 फीसदी और फ्रांस के सीएसी में 1.09 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार हो रहा था।
 

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