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होम लोन के मामले में भी संभव है बेहतर डील

बिजनेस भास्कर नई दिल्ली | Aug 23, 2013, 12:25PM IST
होम लोन के मामले में भी संभव है बेहतर डील

घर खरीदने में होम लोन की अहम भूमिका होती है। आज हम जिक्र कर रहे हैं  होम लोन की पात्रता बढ़ाने और उसकी बेहतर डील के क्या तरीके संभव हैं

जब आप अपना पहला घर खरीदने जा रहे होते हैं तो खुशी, चिंता, उलझन, परेशानी, स्पष्टता की कमी जैसी भावनाएं मन में आना स्वाभाविक है। लेकिन इसके साथ ही फिक्र होना भी स्वाभाविक है और इस फिक्र की वजह होती है  होम लोन।

एक आम आदमी के लिए घर की खरीदारी में होम लोन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। घर खरीदारों के मन में एक आम सवाल यह उठता है कि आखिर कितना होम लोन मिल सकेगा? इसके लिए कौन से दस्तावेजों की जरूरत होगी और कौन सी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी? कहीं मेरा आवेदन खारिज तो नहीं कर दिया जाएगा? क्या होगा अगर मुझे महंगा लोन मिला?

होम लोन के लिए होमवर्क
अपनी फिक्र को दूर करने के अलावा अच्छा लोन लेने के लिए भी होमवर्क करना बेहद जरूरी है। यहां कुछ ऐसे  मूल सिद्धांत दिए गए हैं जिनसे आपको होम लोन लेने में काफी मदद मिल सकती है।

डाउन पेमेंट की दुविधा
ज्यादातर बैंक और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां घर की लागत का केवल 80 फीसदी लोन के तौर पर उपलब्ध कराती हैं। इसका मतलब है कि आपको घर की कीमत की 20 फीसदी रकम का इंतजाम खुद ही करना पड़ेगा। ऐसा करने का  सबसे अच्छा तरीका है समय-समय पर बचत करते रहना। यहां तक की अगर आपके पास पर्याप्त नकद हो तो आपको ज्यादा से ज्यादा भुगतान इसी के जरिए कर देना चाहिए। इससे आपका ब्याज बचेगा।

नकद न होने की स्थिति में कैसे करें पेमेंट
अगर आपने डाउन पेमेंट के लिए बचत नहीं की है तो होम लोन नहीं लेना चाहिए। इस स्थिति में आपको निम्नलिखित स्थितियों से फायदा हो सकता है।
ब्रिज लोन : कई कंपनियां अपने कर्मचारियों को न्यूनतम ब्याज पर कर्ज उपलब्ध करा रही हैं। ऐसे में आपको अपनी एम्प्लॉयर से ब्रिज लोन के लिए बात करनी चाहिए।

बिल्डर से निवेदन करें : कई बिल्डर मददगार होते हैं और अगर आप उनसे निवेदन करेंगे तो वह आपसे डाउन पेमेंट की कुछ राशि लेकर बाकी के राशि के लिए आपको समय दे देंगे। हालांकि इसके लिए आपको उनसे बात करनी होगी।
गोल्ड लोन : अगर आपके घर में सोने के जेवर हैं तो आप उन पर लोन लेकर अपनी जरूरत के लिए नकद जुटा सकते हैं। हालांकि गोल्ड लोन के मामले में इस बात के लिए भी तैयार रहना पड़ता है कि इस पर ब्याज चुकाना होगा जो कि एक तरह का वित्तीय बोझ है।

अपने निवेश की जांच करें : अगर आपने कुछ निवेश किया है जिसपर आपको ब्याज दर से दो फीसदी कम ब्याज मिल रहा है तो अच्छा यही रहेगा कि आप इसे निकाल कर डाउन पेमेंट करने के लिए इस्तेमाल करें।

क्रेडिट रेटिंग और लोन एलिजिबिलिटी की फिक्र
अगर आपको यह पता चल जाए कि बैंक लोन एलिजिबिलिटी किस आधार पर तय करता है तो इसकी तैयारी करने में मदद मिलेगी।

इसके लिए कर्जदाता कर्ज लेने वाले के  दो पहलुओं पर गौर करता है
लोन चुकाने की क्षमता : आपकी लोन पात्रता तय करने के लिए बैंक आपकी मौजूदा आय, अन्य किसी स्रोत के जरिए हुई आय पर गौर करता है। इसके अलावा आपकी जॉब प्रोफाइल, कंपनी प्रोफाइल, रिटायरमेंट की उम्र और साथ में यह भी देखता है कि अपनी ईएमआई के साथ आप अच्छी जीवनशैली बरकरार रख भी पाएंगे या नहीं।

पुनर्भुगतान की नियत : इसका आकलन आपके पिछले लोन या फिर अन्य किसी कर्जदाता के क्रेडिट कार्ड के भुगतान के इतिहास पर तय किया जाता है। आपका क्रेडिट इंफॉर्मेशन ब्यूरो इंडिया लिमिटेड (सिबिल)  स्कोर भी लोन चुकाने की नियत का बड़ा संकेतक है।

पुनर्भुगतान की क्षमता का मापदंड
इस बात का महत्वपूर्ण मापदंड है अच्छी आय। इस बात की जांच आपकी सैलरी स्टेटमेंट और आयकर रिटर्न की फाइलिंग के आधार पर की जाती है। जब आपको लगे कि कोई बड़ा मुनाफा या फिर आय में वृद्धि होने वाली है तो आपको इसे लेने के बाद ही लोन के आवेदन करना चाहिए। इस इजाफे को रिटर्न में जरूर दिखाना चाहिए।
अपने मुख्य अकाउंट से ज्यादा नकद नहीं निकालना चाहिए।

उदाहरण के तौर पर कार लोन की ईएमआई, मकान मालिक का किराया, या फिर अकाउंट से अन्य किसी भी तरह का कैश भुगतान मुख्य अकाउंट से नहीं करना चाहिए।

अपनी आय को बढ़ाकर दिखाने का एक और तरीका यह है कि किसी को-एप्लीकेंट का सहारा लें। उदाहरण के तौर पर पिता-पुत्र, भाई-भाई, पति-पत्नी मिलकर लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं।

हमेशा ध्यान रहे कि आप ऐसा बैंक अकाउंट मेनटेन करें जिसमें अच्छा कैश फ्लो हो। कैश ज्यादा न निकलता हो, बैंक चार्ज न लगाया गया हो और चेक बाउंस न हुआ हो। लोन के लिए आवेदन करते समय आप इस अकाउंट का ही सहारा लें।

कैसे बढ़ाएं लोन की पात्रता
अगर किसी पुराने लोन के भुगतान में आपका रिकॉर्ड अच्छा रहा है तो आपको इसके लिए अच्छी रेटिंग मिलेगी। इसके साथ ही अपनी रेटिंग जानने के लिए सिबिल की एक कॉपी भी अवश्य रखें। मान लीजिए कि आपकी रेटिंग अच्छी नहीं है तो इसके सही होने का कुछ महीने तक इंतजार करें।

इसके लिए आप अपने बाकी के सभी कर्जदारों से लिया हुआ कर्ज चुका दें। कई बार ऐसा होता है कि कुछ ही महीने पहले आपका कोई लोन खत्म हुआ है। 

हालांकि, आपके बैंक अकाउंट में ईएमआई का भुगतान जरूर दिखाई देगा। इससे आपके लोन की पात्रता प्रभावित हो सकती है। ऐसे में आप नए लोन के लिए आवेदन करते समय पुराने लोन की क्लोजर स्टेटमेंट जरूरी संलग्न करें। इससे आपको इंटेंशन टू रि-पे में भी अच्छी रैंकिंग मिल सकेगी।

लोन की पात्रता बढ़ाने के अन्य तरीका यह भी है कि आप किसी ऐसे गारंटर का चुनाव करें जिसके क्रेडिट प्रोफाइल से आपको लोन के लिए बेहतर विकल्प मिल सकेगा।

कैसे पाएं बेहतर डील?
#    बेस्ट डील या फिर सस्ती डील हमेशा अच्छी डील मानी जाएगी ऐसा जरूरी नहीं है।
#    नए या फिर जिन कर्जदाताओं बारे में ज्यादा जानकारी न हो उनसे लोन लेने से बचें।
#    लोन लेते वक्त कम से कम 4 से 5 अलग अलग कर्जदाताओं की ब्याज दर, लागत, आवेदन प्रक्रिया में सरलता और भुगतान की सरलता और पुराने कर्जदारों  के अनुभव के बारे में जरूरी जानकारी ले लें।
#    ब्याज दरों और अन्य शुल्क की तुलना के लिए आप ऑनलाइन पोर्टल का भी सहारा ले सकते हैं।
#    कर्जदाताओं के रेट रिसेट, फोर क्लोजर के लिए उपलब्ध क्लॉज का अध्ययन बेहद जरूरी है।
#    ऐसे कर्जदाताओं का चुनाव करें जिनके प्री-पेमेंट के नियम और शर्तें आसान हों।
#    याद रहे कि प्रतिस्पर्धा और बेस रेट के नियम के चलते आप लोन में ज्यादा से ज्यादा 0.25 से 0.5 फीसदी तक का मोल भाव कर पाएंगे। यह जरूर हो सकता है कि भविष्य में यह और भी कम हो जाए। आपको ध्यान रखना होगा कि रेट रिसेट फ्लोटिंग और फिक्स्ड दोनों तरह के लोन  पर लागू होता है।

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