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काश! पैसे पेड़ पर उगते लेकिन पैसा कमाने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है।

आसान है टैक्स की गणना करना

बलवंत जैन चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर, अपनापैसा डॉट कॉम | Jan 12, 2013, 00:54AM IST
आसान है टैक्स की गणना करना

मुझे सरकार को कितना टैक्स देना है इसकी गणना कैसे करनी चाहिए?  - अभिनव जायसवाल, दिल्ली
- टैक्स
की गणना करना बहुत ही आसान काम है। इसके लिए आपको धारा 80सी, 80डी और 80जी के तहत मिलने वाली टैक्स छूट के बाद अपनी नेट टैक्सेबल सेलरी की गणना करनी होगी। जिन लोगों की आय दो से पांच लाख रुपये की बीच है उनके लिए टैक्स की दर 10 फीसदी है।

जिन लोगों की आय पांच लाख रुपये से दस लाख रुपये के बीच है उन्हें 20 फीसदी की दर से टैक्स का भुगतान करना होगा। इससे ज्यादा की आय वाले लोगों को 30 फीसदी की दर से टैक्स चुकाना देना होगा। अपनी टैक्स देनदारी की गणना करने के बाद आपको इसमें 3 फीसदी का उपकर भी जोडऩा होगा। इससे आपकी टैक्स देनदारी निकल आएगी।

बकाया टैक्स का भुगतान कैसे किया जाए?  -महेंद्र आहूजा, चंडीगढ़
-आप
अपने टैक्स का भुगतान चालान नंबर 280 के माध्यम से भौतिक रूप से बैंक में कर सकते हैं। अगर आपके पास नेट बैंकिंग की सुविधा मौजूद है तो आप ऑनलाइन जाकर भी इसका भुगतान कर सकते हैं। इसके लिए आपको निम्नलिखित लिंक पर जा सकते हैं  http://www.incometaxindia.gov.in/home.asp | इस पेज के बाएं बने लिंक पर जाएं।

क्या मैं हाउसिंग लोन के जरिए अपना टैक्स बचा सकता हूं?  - साहिल, जयपुर
-जी हां। अगर आपने होम लोन ले रखा है तो निश्चित तौर पर टैक्स में बचत कर सकते हैं। ऐसा भी कह सकते हैं टैक्स बचत करने के लिए होम लोन प्रमुख जरिया है। इससे दो तरह से टैक्स छूट का फायदा मिलता है। टैक्स छूट का पहला फायदा धारा 80सी के तहत होम लोन के मूलधन के भुगतान पर मिलता है।

लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी (एलआईपी), पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ), इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम (ईएलएसएस), नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (एनएससी), स्कूल फीस मिलाकर यह फायदा सालाना एक लाख रुपये तक उपलब्ध है। यह फायदा आपको तभी मिलेगा जबकि आपने बैंक, हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों से लोन लिया हो।

इस संबंध में दूसरा फायदा आपको होम लोन के ब्याज भुगतान पर मिलेगा। यह फायदा आपको सालाना 1.5 लाख रुपये तक की राशि के रूप में मिलेगा। सेल्फ ऑक्यूपाइड प्रॉपर्टी की स्थिति में टैक्स छूट का यह फायदा 1.5 लाख रुपये तक है हालांकि किराए पर दी हुई प्रॉपर्टी के संबंध में इसकी कोई सीमा नहीं है। टैक्स छूट का यह फायदा धारा 24(बी) के तहत मिलता है।

बलवंत जैन चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर, अपनापैसा डॉट कॉम

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टैक्स की गणना करना बहुत ही आसान काम है। इसके लिए आपको धारा 80सी, 80डी और 80जी के तहत मिलने वाली टैक्स छूट के बाद अपनी नेट टैक्सेबल सेलरी की गणना करनी होगी।

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