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आर्थिक हालात से निराश हुए निवेशक

बिजनेस भास्कर/एजेंसियां नई दिल्ली/मुंबई | Feb 09, 2013, 03:16AM IST
आर्थिक हालात से निराश हुए निवेशक

सेंटिमेंट कमजोर - बाजार में बजट से पहले की पार्टी खत्म होती दिख रही है। सेंटिमेंट कमजोर पड़ रहे हैं। बाजार में और गिरावट देखी जा सकती है। - विजय केडिया डायरेक्टर, केडिया सिक्युरिटीज

दबाव कायम - राजकोषीय घाटे व महंगाई का दबाव अभी भी बना हुआ है। जीडीपी घटकर पांच फीसदी से नीचे आ जाने की बात से भी बाजार में चिंता है। - के. के. मित्तल पोर्टफोलियो मैनेजमेंट प्रमुख,ग्लोब कैपिटल

बजट की चिंता - बहुत कम वॉल्यूम के बीच घरेलू बाजारों ने आज एक और निचला स्तर बनाया। जीडीपी के पांच फीसदी से कम रहने की बात ठीक नहीं लग रही है। ऐसा लगता है कि बाजार बजट को लेकर डरा हुआ है।

- किशोर ओस्तवाल, सीएमडी, सीएनआई रिसर्च

आर्थिक विकास दर पांच फीसदी पर सिमटने, हाल में कई कंपनियों के आए कमजोर नतीजों और ऊंची महंगाई व ब्याज दरों ने निवेशकों के बीच निराशा भर दी है।

इसी निराशा के माहौल में घरेलू बाजारों में लगातार सातवें सत्र में बिकवाली देखी गई और बांबे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का संवेदी सूचकांक 95.55 अंक की गिरावट के साथ 19,484.66 अंक पर बंद हुआ।

यह सेंसेक्स का तकरीबन छह सप्ताह का निचला स्तर रहा। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी भी 35.30 अंक की गिरावट के साथ 5,900 अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर को तोड़ते हुए 5,883.65 अंक पर बंद हुआ।

ब्रोकरों के मुताबिक, शुक्रवार को आए दिग्गज कंपनी हिंडाल्को के वित्तीय नतीजे उम्मीद से काफी कमजोर रहे। साथ ही, सार्वजनिक क्षेत्र का केनरा बैंक भी उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया। फार्मा सेक्टर की दिग्गज कंपनी सिप्ला ने भी गुरुवार को घोषित नतीजों में खासा निराश किया था।

उधर, केंद्रीय सांख्यिकी संगठन (सीएसओ) ने गुरुवार को कहा था कि वित्त वर्ष 2012-13 के दौरान भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की ग्रोथ दर पांच फीसदी पर सिमट सकती है।

हालांकि, शुक्रवार को वित्त मंत्रालय ने इस साल विकास दर 5.5 फीसदी पर रहने की बात कही है। इसके अलावा, ब्याज दरें अभी भी काफी ऊंचे स्तर पर हैं और विशेष रूप से खाद्य क्षेत्र की महंगाई दर भी कम होने का नाम नहीं ले रही है। विश्लेषकों के मुताबिक, इन्हीं सब वजहों से निवेशकों के बीच निराशा भर गई है। साथ ही, निवेशक इसी माह के आखिर में पेश किए जाने वाले बजट के प्रावधानों को लेकर भी आशंकित हैं।

केडिया सिक्युरिटीज के डायरेक्टर विजय केडिया ने कहा कि बाजार में बजट से पहले की पार्टी खत्म होती दिख रही है। सेंटिमेंट कमजोर पड़ रहे हैं। बाजार में और गिरावट देखी जा सकती है।

सीएनआई रिसर्च के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर किशोर ओस्तवाल ने कहा कि बहुत कम वॉल्यूम के बीच घरेलू बाजारों ने आज एक और निचला स्तर बनाया। जीडीपी के पांच फीसदी से कम रहने की बात ठीक नहीं लग रही है।

ऐसा लगता है कि बाजार बजट को लेकर डरा हुआ है। ग्लोब कैपिटल के पोर्टफोलियो मैनेजमेंट प्रमुख के. के. मित्तल ने कहा कि राजकोषीय घाटे व महंगाई का दबाव अभी भी बना हुआ है। जीडीपी घटकर पांच फीसदी से नीचे आ जाने की बात से भी बाजार में चिंता है।

ग्लोबल स्तर पर देखें तो जनवरी माह में चीन का निर्यात 25 फीसदी बढऩे की खबर से अधिकांश एशियाई बाजारों में तेजी रही। चीन, हांगकांग, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया व ताइवान के मुख्य इंडेक्स 0.16 फीसदी से लेकर 0.99 फीसदी तक की तेजी के साथ बंद हुए।हालांकि, जापान के निक्केई में 1.80 फीसदी की गिरावट रही।खबर लिखे जाते समय यूरोप में ब्रिटेन का एफटीएसई 0.45 फीसदी, जर्मनी का डेक्स 0.26 फीसदी और फ्रांस का सीएसी 0.54 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था।

घरेलू स्तर पर देखें तो बीएसई सेंसेक्स में शामिल 30 में से 21 कंपनियों के शेयरों में गिरावट रही। सिप्ला के शेयर में 3.34 फीसदी, स्टरलाइट में 3.20 फीसदी, हिंडाल्को में 3.18 फीसदी, मारुति सुजुकी में 2.27 फीसदी, ओएनजीसी में 2.02 फीसदी, डॉ. रेड्डीज में 1.99 फीसदी, हीरो मोटोकॉर्प में 1.96 फीसदी, एसबीआई में 1.75 फीसदी, महिंद्रा एंड महिंद्रा में 1.41 फीसदी, कोल इंडिया में 1.41 फीसदी, जिंदल स्टील में 1.34 फीसदी, आईसीआईसीआई बैंक में 1.31 फीसदी, टाटा मोटर्स में 1.09 फीसदी, टाटा स्टील में 1.01 फीसदी व हिंदुस्तान यूनिलीवर में 0.96 फीसदी की गिरावट रही। दूसरी ओर टीसीएस का शेयर 2.58 फीसदी, विप्रो का 1.57 फीसदी, एचडीएफसी बैंक का 1.24 फीसदी, भेल का 1.21 फीसदी और लार्सन एंड टुब्रो का 0.89 फीसदी चढ़ गया।

कुल मिलाकर बाजार की धारणा नकारात्मक रही। बाजारों में सूचीबद्ध कुल कंपनियों में से 1,397 के शेयर गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि बढ़त दर्ज करने वाले शेयरों की संख्या महज 763 पर रही। एफआईआई ने गुरुवार को भी घरेलू शेयरों में 827.14 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया।

ग्लोबल हालात - ग्लोबल स्तर पर देखें तो जनवरी माह में चीन का निर्यात 25 फीसदी बढऩे की खबर से अधिकांश एशियाई बाजारों में तेजी रही। चीन, हांगकांग, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया व ताइवान के मुख्य इंडेक्स 0.16 फीसदी से लेकर 0.99 फीसदी तक की तेजी के साथ बंद हुए।

हालांकि, जापान के निक्केई में 1.80 फीसदी की गिरावट रही। खबर लिखे जाते समय यूरोप में ब्रिटेन का एफटीएसई 0.45 फीसदी, जर्मनी का डेक्स 0.26 फीसदी और फ्रांस का सीएसी 0.54 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था।

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