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लोग कम टैक्स नहीं चुकाते, दरअसल सरकारें खर्च बहुत करती हैं।

लगातार चौथे महीने घटी महंगाई, आंकड़ा पहुंचा 7 से नीचे

Agency | Feb 14, 2013, 19:23PM IST
लगातार चौथे महीने घटी महंगाई, आंकड़ा पहुंचा 7 से नीचे
नई दिल्ली : थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति में गिरावट का सिलसिला जनवरी में लगातार चौथे महीने जारी रहा और यह घटकर सात प्रतिशत से नीचे 6.62 फीसदी पर आ गई। हालांकि, इस दौरान सब्जियों, प्याज और चावल के दामों में इजाफा हुआ।
दिसंबर, 2012 में मुद्रास्फीति 7.18 फीसदी पर थी, जबकि नवंबर में यह 7.24 प्रतिशत थी। जनवरी, 2012 में मुद्रास्फीति 7.23 फीसदी पर थी। आज जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार विनिर्मित वस्तुओं की श्रेणी में जनवरी में महंगाई की दर घटकर 4.81 प्रतिशत पर आ गई।
थोक मूल्य सूचकांक में 14.3 फीसदी की हिस्सेदारी रखने वाले खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति जनवरी में बढ़कर 11.88 फीसदी हो गई, जो दिसंबर में 11.16 प्रतिशत पर थी। प्याज के दाम चढ़ने से इस वर्ग में महंगाई की दर बढ़ी।
जनवरी में प्याज 111.52 फीसदी तक महंगा हुआ, जबकि दिसंबर में इसकी महंगाई की दर 69.24 प्रतिशत थी। इस दौरान चावल 17.31 प्रतिशत महंगा हुई। दिसंबर में यह 17.10 फीसदी महंगा था। जनवरी में सब्जियों के दाम 28.45 फीसदी तक अधिक थे, जबकि दिसंबर में सब्जियों की महंगाई दर 23.25 फीसदी थी।
जनवरी के दौरान गेहूं तथा मोटे अनाज की मुद्रास्फीति क्रमश: 21.39 प्रतिशत और 18.09 प्रतिशत रही। आलू इस दौरान 79.07 फीसदी तथा दालें 16.89 प्रतिशत महंगी थीं। अंडा, मांस और मछली की महंगाई दर जनवरी में 10.81 प्रतिशत थी, वहीं दूध इस दौरान 4.47 प्रतिशत और फल 8.42 फीसदी महंगे हुए। हालांकि, ईंधन और बिजली वर्ग की मुद्रास्फीति जनवरी में घटकर 7.06 फीसदी पर आ गई। दिसंबर, 2012 में यह 9.38 प्रतिशत पर थी।
जनवरी में महंगाई का आंकड़ा नीचे आने से भारतीय रिजर्व बैंक को काफी राहत मिलेगी। केंद्रीय बैंक ने मार्च अंत तक मुद्रास्फीति 6.8 फीसद पर रहने का अनुमान लगाया है। रिजर्व बैंक ने पिछले महीने मौद्रिक नीति की तिमाही समीक्षा में नीतिगत ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत की कटौती थी। महंगाई की दर में कमी के मद्देनजर यह कदम उठाया गया था। रिजर्व बैंक का कहना था कि अब वृद्धि दर में गिरावट को अंकुश में लाना होगा।
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