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Randy Thurman
एक पैसा बचाने का मतलब दो पैसा कमाना जरूर है लेकिन टैक्स चुकाने के बाद।

बचत को खा गई महंगाई

बिजनेस ब्यूरो | Feb 09, 2013, 01:51AM IST
बचत को खा गई महंगाई

बचत को खा गई महंगाई

<> राष्ट्रीय बचत की दर जीडीपी का 30% या उससे भी कम रह सकती है चालू वित्त वर्ष में
<> 30.8% (जीडीपी का) रही थी नेशनल सेविंग्स रेट गत वित्त वर्ष (2011-12) में
<> 36.9% तक पहुंच गई थी घरेलू बचत की दर वित्त वर्ष 2007-08 में
<> 33.8% रही वित्त वर्ष 2009-10 में
<> जीडीपी के 5.3% तक पहुंच चुके चालू खाते के घाटे (सीएडी) में बचत दर घटने से और उछाल आएगा
<> 4.7 % रही है प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोतरी वित्त वर्ष 2011-12 के दौरान वास्तविक कीमतों पर, उससे पिछले वर्ष में यह 7.2% थी।
<> 13.7% की बढ़ोतरी प्रतिव्यक्ति आय में रही 2011-12 में मौजूदा कीमतों के आधार पर 2010-11 के मुकाबले

सेक्टर्स की वृद्धि दर (चालू वित्त वर्ष में)
मैन्यूफैक्चरिंग : पहली छमाही की 0.5% के मुकाबले दूसरी छमाही में 3.1%
कंस्ट्रक्शन, फाइनेंस, इंश्योरेंस, रियल्टी: पहली छमाही की 8.8 से घटकर 3.3%
बिजनेस सर्विसेज : पहली छमाही की 10.1% से घटकर दूसरी छमाही में 7.3%

जीडीपी
5-6 % रह सकती है चालू वित्त वर्ष में रफ्तार
4 % वृद्धि दर रही थी वित्त वर्ष2002-03 में
9.6 %विकास दर थी 2006-07 में
9.3 % रही थी वित्त वर्ष 2009-10 में

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राष्ट्रीय बचत की दर जीडीपी का 30% या उससे भी कम रह सकती है चालू वित्त वर्ष में

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