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राजस्थान में सोयाबीन, मूंगफली की बुवाई पूरी

बिजनेस भास्कर जयपुर | Aug 05, 2013, 01:46AM IST

ग्वार व दलहन की बुवाई लक्ष्य के मुकाबले काफी कम

राजस्थान में खरीफ सीजन के दौरान सोयाबीन व मूंगफली समेत तिलहनी फसलों की बुवाई लक्ष्य की 80 फीसदी से ज्यादा हो चुकी है। लेकिन सोयाबीन व मूंगफली की बुवाई लगभग पूरी हो चुकी है। इन दोनों फसलों की बुवाई लक्ष्य की तुलना में ज्यादा हुई है।

वहीं, जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर, बीकानेर व शेखावटी के कई इलाकों में देर से बारिश होने के कारण दलहन, ग्वार व बाजरा की बुवाई लक्ष्य की तुलना में अभी काफी पीछे है। उल्लेखनीय है कि राजस्थान कृषि निदेशालय ने इस साल प्रदेश में 154.90 लाख हैक्टेयर में खरीफ फसलों की बुवाई का लक्ष्य रखा है।

लेकिन पश्चिमी राजस्थान में देर से बारिश होने से यह लक्ष्य हासिल होने पर थोड़ा संशय है। हालांकि राजस्थान  में खरीफ फसलों की बुवाई अगस्त अंत तक की जाती है। ऐसे में अगस्त में अच्छी बारिश होती है, तो खरीफ फसलों की बुवाई खासकर बाजरा, ग्वार व मोठ की बुवाई में तेजी की संभावना है।

कृषि निदेशालय की ओर से 30 जुलाई तक के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में 100.83 लाख हैक्टेयर में खरीफ फसलों की बुवाई की गई है, जो लक्ष्य के मुकाबले करीब 65 फीसदी है। हालांकि पिछले वर्ष समान अवधि में 79.66 लाख हैक्टेयर में ही बुवाई हो सकी थी।

कृषि निदेशालय ने इस साल प्रदेश में 20.77 लाख हैक्टेयर में तिलहनी फसलों की बुवाई का लक्ष्य रखा था। इसके मुकाबले तीस जुलाई तक प्रदेश में 18.36 लाख हैक्टेयर में तिलहनी फसलों की बुवाई हो गई है, जो लक्ष्य की 88 फीसदी है।

लेकिन प्रदेश में अब तक  9.03 लाख हैक्टेयर के मुकाबले 10.58 लाख हैक्टेयर में सोयाबीन की बुवाई की जा चुकी है। इस तरह सोयाबीन की बुवाई लक्ष्य के मुकाबले 102 फीसदी हो गई है। इसकी वजह कोटा संभाग में समय के साथ बेहतर बारिश होना है। दूसरी तरफ प्रदेश में मूंगफली की बुवाई  भी लक्ष्य के मुकाबले 117 फीसदी हो चुकी है।

इस साल प्रदेश में 3.40 लाख हैक्टेयर में मूंगफली की पैदावार का लक्ष्य रखा गया था, जबकि 3.99 लाख हैक्टेयर में बुवाई की जा चुकी है। यह पिछले साल के मुकाबले भी ज्यादा है। पिछले साल समान अवधि में 3.10 लाख हैक्टेयर में ही मूंगफली की बुवाई हो सकी थी। वहीं पश्चिमी राजस्थान में बारिश देर से होने के कारण कैस्टर सीड की बुवाई लक्ष्य की बीस फीसदी ही हो पाई है।

इस साल प्रदेश में 1.97 लाख हैक्टेयर में कैस्टर सीड की बुवाई का लक्ष्य रखा गया है, जबकि बुवाई 38700 हैक्टेयर में ही हुई है। हालांकि पिछले साल समान अवधि में केवल 12000 हैक्टेयर   में ही कैस्टर सीड की बुवाई की गई थी। इसी तरह सफेद तिल्ली की बुवाई भी पांच लाख हैक्टेयर के लक्ष्य के मुकाबले 68 फीसदी यानी 3.41 लाख हैक्टेयर में हुई है।  

कृषि निदेशालय के अनुसार इस साल प्रदेश में 51.10 लाख हैक्टेयर में बाजरा, 30 लाख हैक्टेयर में ग्वार, 26.70 लाख हैक्टेयर में दलहन व 20.77 लाख हैक्टेयर में तिलहन की बुवाई का लक्ष्य रखा गया है।

इस लक्ष्य की तुलना में 30 जुलाई तक प्रदेश में 33.67 लाख हैक्टेयर में बाजरा, 13.55 लाख हैक्टेयर में ग्वार और 13.49 लाख हैक्टेयर में दलहन की बुवाई हो चुकी है। जबकि पिछले वर्ष समान अवधि में 23.74 लाख हैक्टेयर में बाजरा, 11.18 लाख हैक्टेयर में ग्वार तथा 8.11 लाख हैक्टेयर में दलहन की बुवाई हुई थी।

इस तरह इस बार सभी फसलों की बुवाई पिछले साल की तुलना में ज्यादा हुई है। हालांकि पिछले साल बुवाई कम होने का कारण मानसून में देरी होना भी था। लेकिन इस बार पश्चिमी राजस्थान को छोड़कर अन्य इलाकों में मानसून समय पर आने से खरीफ फसलों की बुवाई की रफ्तार बेहतर रही है।

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राजस्थान में खरीफ सीजन के दौरान सोयाबीन व मूंगफली समेत तिलहनी फसलों की बुवाई लक्ष्य की 80 फीसदी से ज्यादा हो चुकी है।

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