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Warren Buffett
निवेश की दुनिया में भव‍िष्‍य के बजाय अतीत को देखना ज्‍यादा बड़ी समझदारी है।

आईआईपी घटने की आशंका से बढ़ी बिकवाली

बिजनेस भास्कर/एजेंसियां नई दिल्ली/मुंबई | Jan 10, 2013, 00:50AM IST
आईआईपी घटने की आशंका से बढ़ी बिकवाली

निवेशक सतर्क - आईआईपी आंकड़ों व तीसरी तिमाही के वित्तीय नतीजों से पहले निवेशकों के बीच बढ़ी सतर्कता के चलते ही बाजारों में बिकवाली का दबाव दिखाई दिया। - निधि सारस्वत सीनियर रिसर्च एनालिस्ट, बोनांजा पोर्टफोलियो

नतीजों पर नजर - तीसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे दूसरी तिमाही से बेहतर आने चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता है तो बाजार में निराशा का माहौल बनता दिखाई दे सकता है। हालांकि, किसी भी तरह की चौंकाने वाली खबर से इनकार नहीं किया जा सकता। - आर. के. गुप्ता आर. के. गुप्ता मैनेजिंग डायरेक्टर, टॉरस म्यूचुअल फंड

नवंबर माह के दौरान औद्योगिक उत्पादन की रफ्तार में कमी आने की आशंका के चलते बुधवार को घरेलू बाजारों पर बिकवाली का दबाव दिखाई दिया। विशेष रूप से एफएमसीजी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, ऑटो व मेटल शेयरों में हुई बिकवाली के चलते बांबे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का संवेदी सूचकांक 75.93 अंक की गिरावट के साथ 19,666.59 अंक पर बंद हुआ।

सेंसेक्स का यह साल 2013 का सबसे निचला बंद स्तर रहा। उधर, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी भी 30.20 अंक की गिरावट दर्ज करते हुए 6,000 अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसलकर 5,971.50 अंक पर बंद हुआ।

सरकार गुरुवार को नवंबर, 2012 के औद्योगिक उत्पादों के आंकड़ों (आईआईपी) की घोषणा करने जा रही है। जानकारों का मानना है कि आईआईपी के आंकड़े उम्मीद से कम रह सकते हैं। इसी वजह से दोपहर बाद के कारोबार में शेयर बाजारों में बिकवाली बढ़ गई और मुख्य इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए।

उधर, वित्त वर्ष 2012-13 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के वित्तीय नतीजों का सीजन शुरू होने जा रहा है और कुछ विश्लेषक कमजोर नतीजों की आशंका जता रहे हैं।

इसके चलते, विशेष रूप से आईटी सॉफ्टवेयर निर्यातक कंपनियों के शेयरों में बिकवाली देखी गई। साथ ही, दिसंबर माह के दौरान वाहनों की बिक्री नौ माह के निचले स्तर पर आ जाने के चलते ऑटो सेक्टर की कंपनियों, विशेष रूप से दोपहिया वाहन निर्माताओं के शेयरों पर दबाव दिखाई दिया।

बजाज ऑटो व हीरो मोटोकॉर्प के शेयर 1.5 फीसदी से लेकर 1.9 फीसदी तक की गिरावट के साथ बंद हुए। जानकारों का यह भी कहना था कि आगे बढऩे से पहले सेंसेक्स में 20,000 व निफ्टी में 6,000 अंक के स्तर पर कंसोलिडेशन हो रहा है।

बैंक ऑफ अमेरिका-मेरिल लिंच ने कहा है कि दीवाली के बाद के बेस इफेक्ट के मद्देनजर नवंबर माह के दौरान भारत की औद्योगिक उत्पादन की दर में 1.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की जा सकती है।

जबकि, अब तक आम धारणा यह थी कि नवंबर में आईआईपी की गिरावट महज 0.4 फीसदी रहेगी।बोनांजा पोर्टफोलियो की सीनियर रिसर्च एनालिस्ट निधि सारस्वत ने कहा कि आईआईपी आंकड़ों व तीसरी तिमाही के वित्तीय नतीजों से पहले निवेशकों के बीच बढ़ी सतर्कता के चलते ही बाजारों में बिकवाली का दबाव दिखाई दिया।

टॉरस म्यूचुअल फंड के मैनेजिंग डायरेक्टर आर. के. गुप्ता ने कहा कि तीसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे दूसरी तिमाही से बेहतर आने चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता है तो बाजार में निराशा का माहौल बनता दिखाई दे सकता है। हालांकि, किसी भी तरह की चौंकाने वाली खबर से इनकार नहीं किया जा सकता।

ग्लोबल स्तर पर देखें तो एशिया में मिला-जुला माहौल रहा। चीन व दक्षिण कोरिया के मुख्य इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। जबकि हांगकांग, जापान, सिंगापुर व ताइवान के बाजारों में बढ़त रही। जापान का निक्केई 0.67 फीसदी व हांगकांग का हैंगसैंग 0.46 फीसदी चढ़ गया।

यूरोप में खबर लिखे जाते समय ब्रिटेन के एफटीएसई में 0.51 फीसदी, जर्मनी के डेक्स में 0.13 फीसदी और फ्रांस के सीएसी में 0.02 फीसदी की तेजी के साथ कारोबार हो रहा था। घरेलू स्तर पर बीएसई सेंसेक्स में शामिल 30 में से 19 कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। भेल में सबसे ज्यादा 2.69 फीसदी की गिरावट रही।

साथ ही टाटा स्टील का शेयर 2.54 फीसदी, आईटीसी का 1.93 फीसदी, टीसीएस का 1.74 फीसदी, स्टरलाइट का 1.47 फीसदी, एचडीएफसी का 1.30 फीसदी, एलएंडटी का 1.04 फीसदी व एचयूएल का शेयर 0.91 फीसदी टूट गया। दूसरी ओर टाटा मोटर्स में 3.98 फीसदी, एसबीआई में 1.13 फीसदी, सन फार्मा में 0.94 फीसदी व भारती एयरटेल में 0.88 फीसदी की तेजी रही।

कुल मिलाकर बाजार की धारणा नकारात्मक रही। बाजारों में सूचीबद्ध कुल कंपनियों में से 1,575 के शेयर गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि बढ़त दर्ज करने वाले शेयरों की संख्या 1,395 पर रही। एफआईआई ने मंगलवार को 887.38 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की शुद्ध लिवाली की।

ग्लोबल हालात - ग्लोबल स्तर पर देखें तो एशिया में मिला-जुला माहौल रहा। चीन व दक्षिण कोरिया के मुख्य इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। जबकि हांगकांग, जापान, सिंगापुर व ताइवान के बाजारों में बढ़त रही। जापान का निक्केई 0.67 फीसदी व हांगकांग का हैंगसैंग 0.46 फीसदी चढ़ गया।

यूरोप में खबर लिखे जाते समय ब्रिटेन के एफटीएसई में 0.51 फीसदी, जर्मनी के डेक्स में 0.13 फीसदी और फ्रांस के सीएसी में 0.02 फीसदी की तेजी के साथ कारोबार हो रहा था।

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