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वित्त मंत्री ने की वकालत, अमीरों पर लगना चाहिए ज्यादा टैक्स

agency | Jan 24, 2013, 18:37PM IST
वित्त मंत्री ने की वकालत, अमीरों पर लगना चाहिए ज्यादा टैक्स
सिंगापुर : वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा है कि बहुत अमीर लोगों पर ‘थोड़ा अधिक’ कर लगाने के प्रस्ताव पर विचार किया जाना चाहिए। पिछले दो दिनों में विदेशी निवेशकों के साथ अपनी बैठक में चिदंबरम एक स्थायी कर व्यवस्था पर जोर देते रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मैं स्थायी कर दरों में विश्वास करता हूं। हालांकि, मुझे यह मानना होगा कि ऐसे समय में जब अर्थव्यवस्था और सरकार को और संसाधनों की जरूरत है, तब बहुत धनी लोगों को स्वेच्छा से थोड़ा अधिक भुगतान करना चाहिए।
चिदंबरम ने एक न्यूज चैनल के साथ एक भेंटवार्ता में कहा कि इसका मतलब यह नहीं है कि कर की दर स्थायी नहीं होनी चाहिए। मुझे लगता है कि हमारी कर की दरों में स्थायित्व होना चाहिए, लेकिन हमें इस बहस पर विचार करना चाहिए कि क्या बहुत धनी लोगों को कुछ मौकों पर थोड़ा अधिक भुगतान करने को कहा जाना चाहिए।’
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि यह उनका विचार नहीं है, बल्कि एक चर्चा है जो मैंने सुनी है और मैं इसे दोहरा रहा हूं। अगले महीने पेश किए जाने वाले बजट पर चिदंबरम ने कहा कि चुनाव को ध्यान में रखकर बजट नहीं बनाया जाता। चुनाव बजट से 14 महीने दूर है। बजट एक जिम्मेदार बजट होगा।
वित्त मंत्री ने कहा कि अगर 28 फरवरी को वह यह दिखा सके कि सरकार ने राजकोषीय घाटा 5.3 प्रतिशत से नीचे रखा और अगर बजट अनुमानों से पता चलता है कि अगले वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा 4.8 प्रतिशत से नीचे रहेगा तो वह अगले साल राजस्व वृद्धि में अच्छी बढ़ोतरी की उम्मीद कर सकते हैं।
चिदंबरम ने कहा कि मैं समझता हूं कि यह वह समय होगा जब रेटिंग एजेंसियों को यहां से आगे बढ़ने पर विचार करना चाहिए। मेरा मतलब परिदृश्य में सुधार और रेटिंग में सुधार से है। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के चेयरमैन सी. रंगराजन समेत विभिन्न विशेषज्ञों ने अधिक अमीर लोगों पर उंची दर से कर लगाए जाने की जरूरत पर बल दिया है।
कल, विप्रो के चेयरमैन अजीम प्रेमजी ने कहा था कि अधिक धनी लोगों पर उंची दर से कर लगाए जाने के सुझाव ‘राजनीतिक’ रूप से सही हैं लेकिन उन्होंने इस प्रस्ताव को वास्तव में लागू करने की सरकार की इच्छाशक्ति पर संदेह जताया।
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