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निवेश में आई कमी, 6.4 फीसदी तक रह सकती है 2013-14 में देश की आर्थिक विकास दर

agency | Apr 23, 2013, 15:08PM IST
निवेश में आई कमी, 6.4 फीसदी तक रह सकती है 2013-14 में देश की आर्थिक विकास दर
नई दिल्ली : कृषि और विनिर्माण क्षेत्र के प्रदर्शन में सुधार की संभावना के बीच 2013-14 में देश की आर्थिक वृद्धि दर 6.4 फीसदी तक पहुंच सकती है जो बीते पिछले वित्त वर्ष में पांच फीसदी थी। यह बात प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद ने आज कही।
 
प्रधानमंत्री की आर्थिक सहलाकार परिषद (पीएमईएसी) के अध्यक्ष सी रंगराजन ने यहां 2012-13 की आर्थिक समीक्षा जारी करते हुए कहा ‘‘अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर अभी से बेहतर होगी। हमारा अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष के दौरान वृद्धि दर 6.4 फीसदी रहेगी।’’ मुख्य तौर पर वैश्विक वित्तीय संकट के असर से भारत की आर्थिक वृद्धि दर 2012-13 में पांच फीसदी तक सीमित रह गयी। यह एक दशक की न्यूनतम वृद्धि है।
 
रंगराजन को उम्मीद है कि 2012-13 के सकल घरेलू उत्पाद का संशोधित अनुमान संशोधित अनुमान केंद्रीय सांख्यिकी संस्थान (सीएसओ) के फरवरी में घोषित पांच फीसद के अग्रिम अनुमान से ज्यादा ही होगा।
 
चालू वित्त वर्ष के लिए अर्थव्यवस्था से संबंधित अनुमान व्यक्त किए हैं, जिसके मुख्य बिन्दु इस प्रकार हैं...
 
1. 2013-14 में आर्थिक वृद्धि 6.4 फीसद रहने का अनुमान, वृद्धि में नरमी का दौर खत्म हुआ लगता है।
 
2. वैश्विक अर्थव्यवस्था वृद्धि की वृद्धि हल्की रहने की संभावना।
 
3. केंद्रीय सांख्यिकी संगठन के 2011-12 और 2012-13 के जीडीपी वृद्धि के अनुमान 
 
4. संशोधित आंकड़ो में और ऊंचे हो सकते हैं।
 
5. निवेश और बचत की दरें कम हुई है।
 
6. निवेश की अनुमानित दर 2012-13 में सकल घरेलू उत्पाद के 35.8 फीसदी के बराबर रही।
 
7. घरेलू बचत दर पिछले वित्त वर्ष में 30.8 फीसदी रही।
 
8. चालू खाते का घाटा 2013-14 में घट कर सकल घरेलू उत्पाद का 4.7 फीसदी रहने का अनुमान है, जो 2012-13 में
5.1 फीसदी था।
 
9.  वस्तु व्यापार घाटा 2013-14 के दौरान 213 अरब डॉलर (जीडीपी के 9.9 प्रतिशत के बराबर) रहने का अनुमान है, जो 2012-13 में 200 अरब डॉलर (जीडीपी का 10.9 प्रतिशत) था।
 
10. विदेशों में काम कर रहे भारतीयों द्वारा भेजा गया धन 2013-14 में 113 अरब डॉलर (जीडीपी का 5.3 फीसदी) होने का अनुमान है, जो 2012-13 में 105.8 अरब डॉलर (सकल घरेलू उत्पाद का 5.7 फीसदी) था।
 
11. वित्त वर्ष 2013-14 के दौरान प्रत्यक्ष विदेशी निवेश 36 अरब डॉलर रहने की संभावना।
 
12. चालू वित्त वर्ष के दौरान थोक मुद्रास्फीति छह फीसदी रहने का अनुमान।
 
13.  पीएमईएसी ने कहा कि मुद्रास्फीति में नरमी से आरबीआई के लिए ब्याज दरों में कटौती की गुंजाइश पैदा होगी।
 
14.  केंद्रीय सब्सिडी 2013-14 में घटकर 2,31,084 करोड़ रुपये हो जाएगी, जो 2012-13 में 2,57,654 करोड़ रुपए थी।
 
15.  वित्त वर्ष 2013-14 के राजस्व का लक्ष्य संभव है।
 
16. पीएमईएसी ने कहा कि नए निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए और भी बहुत कुछ करने की जरूरत है।

 

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