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रिटायरमेंट प्लानिंग को न करें नजरंदाज

विनय अग्रवाल | Feb 16, 2013, 02:27AM IST
रिटायरमेंट प्लानिंग को न करें नजरंदाज

सेवानिवृत्ति की योजना
चरण 1: सेवानिवृत्ति के बाद एक आनंददायक जीवन जीने के लिए आवश्यक राशि की गणना कीजिए। मुद्रास्फीति, बढ़ी हुई स्वास्थ्य लागत, परिवार के लिए उपहार और छुट्टियों आदि को ध्यान में रखिए। यदि आपके पास अपना घर है तो बच्चों की शिक्षा और किराए की लागत को छोड़  दीजिए।
चरण 2: सेवानिवृत्ति के बाद वांछित आय प्राप्त करने के लिए आवश्यक राशि को संस्थापित कीजिए।
चरण 3: आपको नियमित तौर पर कितनी बचत करने की जरूरत है इसकी गणना कीजिए।  अभी से बचत करना आरंभ कीजिए ताकि आपके पास समय हो और अच्छा रिटर्न मिल सके।
चरण 4: सही सेवानिवृत्ति योजना का चुनाव करें। इससे सेवानिवृत्ति के बाद की जरूरतों को पूरा करने में सहायता मिलेगी।
चरण 5: अपनी सेवानिवृत्ति के लिए प्रतिमाह व्यवस्थित रूप से निर्धारित राशि को निवेश करें।

आपके पूरे जीवन में कार्य करने के दौरान अपने और परिवार के सपनों को पूरा करने के लिए आप कड़ी मेहनत करते हैं। हालांकि आपने क्या कभी सोचा है कि सेवानिवृत्ति के बाद आप अपनी पहले वाली जीवनशैली बरकरार रख पाएंगे या नहीं? सेवानिवृत्ति योजना आपको  अपने तरीके से जीवन जीने और सेवानिवृत्ति के बाद भी एक अच्छी जीवनशैली देने में सहायक है। भारतीय संदर्भ में सेवानिवृत्ति योजना निम्न कारणों से अधिक महत्वपूर्ण है।

  भारत की एक बड़ी आबादी स्वरोजगार में या असंगठित क्षेत्र में कार्य करती है और उसे किसी राज्य या नियोक्ता द्वारा प्रायोजित सेवानिवृत्ति योजना का लाभ नहीं मिलता। अगर जीवन प्रत्याशा में इजाफा होता है या फिर समय से पहले सेवानिवृत्ति ली जाती है तो इसका मतलब है कि रिटायरमेंट के बाद ज्यादा लंबी अवधि गुजारनी होगी।

एकल परिवार प्रणाली का उदय- सेवानिवृत्ति के भविष्य पर रिपोर्टें - साल 2011 में प्रकाशित फैक्ट शीट के अनुसार, करीब 32 फीसदी भारतीय लोग सेवानिवृत्ति के बाद अपने बच्चों के साथ रहना चाहते हैं। यह विश्व के औसत से

दोगुना है। हालांकि सयुंक्त परिवारों का एकल
परिवारों में रूपांतरण, विशेष रूप से शहरी भारत में एक वास्तविकता है। इससे भारतीयों को वित्तीय रूप से स्वतंत्र सेवानिवृत जीवन की योजना बनाने की आवश्यकता है। जीवन लागत में बढ़ोतरी, बढ़ती हुई मुद्रास्फीति, बेहतर जीवन जीने की आकांक्षाएं और स्वास्थ्य देखभाल सेवानिवृत्ति योजना को आवश्यक बनाते है।

कब शुरू करें रिटायरमेंट प्लानिंग
सेवानिवृत्ति के बाद अच्छा जीवन स्तर कायम रखने के लिए आपको सेवानिवृत्ति की योजना जल्दी बनाने की आवश्यकता है।

आइए एक उदाहरण द्वारा समझते हैं। रमेश अपनी रिटायरमेंट फंड में 25 लाख रुपये का निवेश करता है। दूसरी तरफ विक्रम इस उद्देश्य के लिए 50 लाख रुपये  निवेश करता है। कम निवेश के बावजूद भी 60 वर्ष की आयु तक रमेश 1.08 करोड़  रुपये का संग्रह कर लेता है, जबकि विक्रम 88 लाख रुपये ही जमा कर पाता है! यह कैसे हुआ? यह अवधि रमेश के लिए फायदेमंद रही।

उसने 35 वर्ष की आयु में एक लाख रुपये प्रति वर्ष निवेश करना आरंभ किया था। विक्रम को गुजरे हुए समय की भरपाई के लिए रमेश से पांच गुना अधिक बचत करनी पड़ी अर्थात 50 वर्ष की आयु से आरंभ करके प्रति वर्ष 5 लाख रुपये का निवेश करना पड़ा। दोनों के रिटायरमेंट कॉरपस में यह अंतर चक्रवृद्धि दर की वजह से था।
- लेखक आईसीआईसीआई प्रू लाइफ इंश्योरेंस के ईवीपी एंड हेड प्रोडक्ट्स, रिस्क एंड कॉरपोरेट स्ट्रेटजी हैं।

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आपके पूरे जीवन में कार्य करने के दौरान अपने और परिवार के सपनों को पूरा करने के लिए आप कड़ी मेहनत करते हैं।

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