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निवेश की दुनिया में भव‍िष्‍य के बजाय अतीत को देखना ज्‍यादा बड़ी समझदारी है।

डीजल से पेट्रोल की तरफ मुडऩे लगा कारों का कारवां

रक्षित सिंह नई दिल्ली | Feb 13, 2013, 00:15AM IST
डीजल से पेट्रोल की तरफ मुडऩे लगा कारों का कारवां

क्या हैं कारण - डीजल की कीमतों में 5 रुपये की बढ़ोतरी

पिछले तकरीबन एक साल से देश में डीजल कारों की बिक्री का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा था। लेकिन अब यह सफर रुकने लगा है और एक बार फिर बाजार में पेट्रोल कारों की अच्छी मांग निकलने की उम्मीद जग गई है।

पिछले तीन महीनों से डीजल कारों की बिक्री में कुछ गिरावट देखी जा रही है जबकि पेट्रोल कारें जोर भर रही हैं। इसकी सबसे प्रमुख वजह है डीजल की कीमतों में सितंबर के दौरान हुई 5 रुपये लीटर की बढ़ोतरी। इसके बाद जनवरी 2013 में हर महीने डीजल की कीमतों में 50 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी का सरकारी फैसला इस बिक्री को और बढ़ा रहा है।

जिन कार मॉडल्स में पेट्रोल और डीजल, दोनों के विकल्प मौजूद हैं, उनमें अब पेट्रोल कारों की हिस्सेदारी बढऩे लगी है। गौरतलब है, कुछ महीने पहले तक ऐसे मॉडल्स की बिक्री में डीजल कारों की हिस्सेदारी तकरीबन 90-95 फीसदी तक पहुंच गई थी।

लेकिन, अब यह आंकड़ा 85-90 फीसदी के आस-पास हो गया है। ऑटोमोबाइल उद्योग के जानकारों का मानना है कि एक बार फिर बाजार डीजल के बजाय पेट्रोल कारों की तरफ रुख करने लगा है और आने वाले महीनों में यह चलन तेजी के साथ बढ़ेगा।

सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) के डायरेक्टर जनरल विष्णु माथुर ने बताया कि पेट्रोल कारें एक बार फिर से डिमांड में आ रही हैं। उन्होंने बताया कि अब ग्राहकों को स्थिति स्पष्ट है कि आने वाले महीनों के दौरान डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी होगी।

वहीं, पेट्रोल मॉडल डीजल मॉडल के मुकाबले 1,00,000 रुपये तक सस्ते हैं। ऐसे में अब उन मॉडल्स में पेट्रोल वैरिएंट की मांग बढऩे लगी हैं जिनमें पेट्रोल और डीजल, दोनों के विकल्प मौजूद हैं।

होंडा कार्स इंडिया के सीनियर वाइस-प्रेसिडेंट (मार्केटिंग एंड सेल्स) ज्ञानेश्वर सेन ने बताया कि अभी तक जो डीजल की तरफ ग्राहकों का झुकाव लगातार बढ़ रहा था, उसमें रिवर्स ट्रेंड दिखने लगा है। लिहाजा, डीजल की कीमतों में आगे बढ़ोतरी होने पर पेट्रोल मॉडल्स की मांग में इजाफा होगा।

मारुति सुजूकी इंडिया के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (मार्केटिंग एंड सेल्स) मयंक पारीक ने बताया कि जिस सेगमेंट में पेट्रोल और डीजल का विकल्प मौजूद है, वहां पर पेट्रोल कारों की तरफ शिफ्ट देखा जा रहा है।

2009 में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में महज 9 रुपये प्रति लीटर का अंतर होता था। तब डीजल वैरिएंट्स की बिक्री तकरीबन 70' होती थी। लेकिन, अब यह आंकड़ा 90 फीसदी के आस-पास है।

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अब उन मॉडल्स में पेट्रोल वैरिएंट की मांग बढऩे लगी हैं जिनमें पेट्रोल और डीजल दोनों के विकल्प हैं मौजूद

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