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टैक्स सेविंग के लिए लक्ष्य पूरे करने वाले प्रोडक्ट चुनें

जितेंद्र सोलंकी | Oct 02, 2013, 12:52PM IST
टैक्स सेविंग के लिए लक्ष्य पूरे करने वाले प्रोडक्ट चुनें

समाधान

मेरी उम्र 28 वर्ष है और मैं शादी-शुदा हूं। मैं एक आईटी कंपनी में काम करता हूं। मैं कर बचत के विकल्पों पर विचार कर रहा था। अब तक मैंने किसी तरह का निवेश नहीं किया है। मेरा परिवार आर्थिक रूप से पूरी तरह मुझ पर निर्भर है। कृपया सलाह दें कि कर बचत के लिए मुझे कहां निवेश करना चाहिए?   - गगनदेव, इंदौर
- गगनदेव
जी, फाइनेंशियल प्लानिंग का एक अहम हिस्सा है टैक्स प्लानिंग। आप चाहे जो भी निवेश करें, एक बात का ध्यान रखें कि वह आपके लक्ष्यों के साथ जुड़ा हुआ हो ताकि आप टैक्स प्लानिंग के लिए ऐसे प्रोडक्ट चुनने की भूल न कर बैठें जो आपकी टैक्स प्लानिंग की जरूरतों को तो पूरी करता हो लेकिन आपकी जरूरतों से मेल न खाता हो। जब आपके ऊपर पूरा परिवार आर्थिक रूप से निर्भर है तो ऐसे में आपको उनकी आर्थिक सुरक्षा और आपातकालीन परिस्थितियों के लिए व्यवस्था करने को तरजीह देना चाहिए।

सबसे पहले आपको पर्याप्त जीवन बीमा के साथ-साथ हेल्थ इंश्योरेंस लेना चाहिए। जीवन बीमा के प्रीमियम पर आयकर अधिनियम की धारा 80सी के तहत और हेल्थ इंश्योरेंस के प्रीमियम पर धारा 80डी के तहत कटौती का लाभ मिलेगा।

इसका सबसे बड़ा लाभ यह रहेगा कि आप अपने लाभों पर विचार कर सकेंगे और आपको बार-बार आयकर का लाभ लेने के बारे में सोचना नहीं पड़ेगा। दूसरे चरण में आप आपातकालीन फंड बनाने के बारे में सोचें जो नौकरी जाने जैसी परिस्थितियों में काम आएगा।

एक बार इन सबके बारे में सोचने के बाद आप अपने वित्तीय लक्ष्यों की पहचान कीजिए और उसके अनुसार निवेश करना शुरू कर दीजिए। जब आप लक्ष्य की पहचान करने के बाद निवेश करते हैं तो आपको सही परिसंपत्ति वर्गों में अपनी बचत आवंटित करने में मदद मिलती है क्योंकि आपके पास विभिन्न लक्ष्यों के लिए पर्याप्त वक्त भी होता है।

इसके अलावा, बेहतर यह रहेगा कि टैक्स प्लानिंग वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ ही आरंभ किया जाए वह भी अपने लक्ष्यों के अनुरूप सही विकल्पों का चयन करते हुए ताकि वित्त वर्ष के अंत में आप जल्दबाजी में गलत प्रोडक्ट का चयन न कर बैठें।

मैं घर खरीदने के लिए हाउसिंग लोन लेना चाहता हूं जिसमें मेरी पत्नी सह-आवेदक रहेंगी।  मैं आयकर में कितने रुपये तक के लाभ का दावा कर सकता हूं और इसकी क्या शर्तें होती है?
- राघव, चंडीगढ़

- ज्वाइंट होम लोन लेने के कई फायदे हैं। उधार लेने वाले दोनों व्यक्ति उसी अनुपात में आयकर में ब्याज और मूलधन के भुगतान का लाभ उठा सकते हैं जिस अनुपात में लोन में उनकी हिस्सेदारी होती है। इसलिए, अगर लोन में पति-पत्नी की बराबर की हिस्सेदारी है तो दोनों अपनी आय से बराबर-बराबर कटौती का दावा कर सकते हैं।

हालांकि, मासिक किस्तों के भुगतान के लिए ज्वाइंट एकाउंट होना चाहिए क्योंकि बैंक मासिक किस्त की राशि को दो भागों में नहीं बांटते हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हाउसिंग लोन पर आयकर का लाभ लेने के लिए प्रॉपर्टी का मालिक या उसका को-ओनर होना जरूरी है।

ऐसे कई मामले देखे गए हैं कि परिवार के किसी अन्य सदस्य ने लोन लिया और प्रॉपर्टी किसी और सदस्य के नाम है। ऐसे मामलों में उधार लेने वाला व्यक्ति आयकर में लाभ का दावा नहीं कर सकता। इसलिए, हाउसिंग लोन लेने के बाद इस बात की तस्दीक भी करें कि प्रॉपर्टी आप दोनों के नाम हो ताकि आप दोनों ही आयकर का लाभ ले सकें।

जितेंद्र सोलंकी
सर्टिफायड
फाइनेंशियल प्लानर,
जे. एस. फाइनेंशियल प्लानर, दिल्ली

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