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दुनिया में डर कर किसी ने एक चवन्नी भी नहीं कमाई।

अब अपने ही घर में बॉलीवुड को जबरदस्त टक्कर

नविता स्वरूप मुंबई | Feb 10, 2013, 13:32PM IST
अब अपने ही घर में बॉलीवुड को जबरदस्त टक्कर

बढ़ता बाजार
भोजपुरी फिल्मों की लोकप्रियता इससे जाहिर होती है कि महानायक अमिताभ बच्चन ने भी इनमें काम किया है
मनोज तिवारी, रवि किशन और निरहुआ जैसे सितारों ने भोजपुरी फिल्मों को बॉलीवुड स्टाइल में पेश किया है

क्षेत्रीय भाषा की फिल्मों का बाजार में पिछले कुछ दशकों में पूरी तरह बदल गया है। इसकी कमाई और लोकप्रियता में तेजी से इसका दायरा इतना बड़ा हो गया है कि अब क्षेत्रीय सिनेमा बॉलीवुड की फिल्मों से टक्कर ले रहा है।

भोजपुरी, मराठी और बंगाली सिनेमा के साथ ही पंजाबी फिल्मों ने पिछले कुछ दशकों में रफ्तार पकड़ी है।जानकार बताते हैं कि हिन्दी फिल्मों के बाद सबसे अधिक फिल्में भोजपुरी भाषा में पिछले कुछ वर्षों में देखी जा रही हैं। इसकी मुख्य वजह भोजपुरी फिल्मों में एक बार फिर से बूम आना है।

मनोज तिवारी, रवि किशन और निरहुआ जैसे सितारों ने भोजपुरी फिल्मों को खेत खलिहानों से लेकर बॉलीवुड स्टाइल में दर्शकों के लिए पेश किया है।

भोजपुरी फिल्मों के जानकार एवं विशेषज्ञ शशिकांत सिंह ने बिजनेस भास्कर को बताया कि भोजपुरी फिल्मों के बाजार में 90 के दशक के बाद एक बूम देखने को मिला।

यह बूम था भोजपुरी फिल्मों के सुपर स्टार मनोज तिवारी और रवि किशन का। इन कलाकारों ने भोजपुरी फिल्मों की कमाई करोड़ों रुपये में पहुंचा दी और भोजपुरी फिल्मों को एक क्षेत्र से निकाल कर राष्ट्रीय स्तर पर ला खड़ा किया।

भोजपुरी फिल्म 'ससुरा बड़ा पइसा वाला' ने कुल 16 करोड़ रुपये की कमाई की तो बिदाई, 'कहा जाइबो राजा नजरिया लडायके' और 'खून पसीना', 'निरहुआ भया रिक्शा वाला' और 'साजन चले ससुराल' ने भी 2 से 10 करोड़ रुपये कलेक्शन किया।

उनके मुताबिक भोजपुरी फिल्मों की सफलता को देखते हुए हिन्दी सिनेमा के सुपर स्टार अमिताभ बच्चन ने भी इस ओर रुख कर 'गंगा जैसी फिल्मों में अभिनय किया तो दिलिप कुमार जैसे महान अभिनेताओं ने इसके डिस्ट्रीब्यूशन में हाथ आजमाया।

भोजपुरी फिल्मों के मुंबई में डिस्ट्रीब्यूटर श्याम कुमार के अनुसार भोजपुरी फिल्मों के डिस्ट्रीब्यूशन का विस्तार हुआ है वहीं, इनके प्रमोशन, म्यूजिक और आडियो वीडियो की बिक्री में तेजी दोहरे अंकों में है। 1980 में जहां भोजपुरी फिल्मों का बजट 2 से 10 लाख के बीच होता था वह अब बढ़कर करोड़ में पहुंच गया है।

मौजूदा समय में 1 से 1.50 करोड़ रुपये भोजपुरी फिल्मों का बजट है। जल्द ही भोजपुरी फिल्मों के तीन सुपर स्टार एक साथ 'गंगा जमुना सरस्वतीÓ में नजर आएंगे। इस फिल्म का बजट 2 करोड़ रुपये है। इसमें मनोज तिवारी, रवि किशन और निरहुआ मुख्य भूमिका में होंगे।

बॉलीवुड के जानकारों का कहना है कि नई तकनीक, नया वर्ग और नए समय की मांग ने क्षेत्रीय सिनेमा को नया आयाम दिया है। जिस प्रकार से पहले बंगाली और तमिल, तेलुगू और अन्य भाषा की फिल्मों ने अपना स्थान बनाया उसी प्रकार से भोजपुरी, पंजाबी और मराठी फिल्में अब अपना स्थान बना रही हैं।

नए कलाकारों और नए निर्देशकों ने मराठी फिल्मों को आस्कर तक में नामांकित करवाया है, जिसमें श्वास मुख्य है। इसके साथ ही पुणे 52, काकस्पर्श, माला आई हवइचे, तुकाराम जैसी मराठी फिल्में निर्देशन और अभिनय के लिए सराहना बटोर चुकी हैं।

पंजाबी फिल्मों में भी अब निर्देशन और अभिनय में नयापन दिखता है।अच्छे बजट की पंजाबी फिल्मों की एडिटिंग आदि तो विदेशों तक में होती है और लोकप्रियता के मामले में ये कहीं भी कम नहीं दिखतीं।

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क्षेत्रीय भाषा की फिल्मों का बाजार में पिछले कुछ दशकों में पूरी तरह बदल गया है। इसकी कमाई और लोकप्रियता में तेजी से इसका दायरा इतना बड़ा हो गया है कि ..

  
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