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निवेश की दुनिया में भव‍िष्‍य के बजाय अतीत को देखना ज्‍यादा बड़ी समझदारी है।

कमजोर बुवाई के कारण जौ वायदा में अपर सर्किट

बिजनेस भास्कर नई दिल्ली | Jan 10, 2013, 02:25AM IST
कमजोर बुवाई के कारण जौ वायदा में अपर सर्किट

जौ
चालू रबी सीजन में उत्पादक क्षेत्रों में जौ की बुवाई कम होने के कारण इसकी वायदा कीमतों में उछाल दर्ज किया गया है। एनसीडीईएक्स पर जौ जनवरी वायदा का भाव 4 फीसदी के अपर सर्किट को छूकर 1,381 रुपये प्रति क्विंटल हो गया। कर्वी कॉमट्रेड के विश्लेषक अरविंद प्रसाद ने बताया कि पिछले साल उत्पादन कम रहने के कारण बाजार में इसका स्टॉक भी कम है, जिससे कीमतों में उछाल दर्ज किया गया है।
जीरा
बुवाई क्षेत्रफल में बढ़ोतरी के कारण जीरे की वायदा कीमतों में गिरावट का रुख रहा। एनसीडीईएक्स पर जीरा मार्च वायदा का भाव 2.8 फीसदी घटकर 14,112 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। बाजार के जानकारों का कहना है कि गुजरात में बुवाई 3.17 लाख हेक्टेयर की तुलना में 9 फीसदी ज्यादा रहने का अनुमान है। गुजरात में 96-97 फीसदी क्षेत्र में जीरे की बुवाई की जा चुकी है।
हल्दी
ऊंचे भावों पर प्रोफिट बुकिंग के कारण हल्दी की वायदा कीमतों में गिरावट दर्ज की गई।एनसीडीईएक्स पर हल्दी अप्रैल वायदा 3.4' गिरकर 6,640 रुपये प्रति क्विंटल हो गया। बाजार के जानकारों का कहना है कि पोंगल के बाद हल्दी की ताजा आवक शुरू होने की संभावना से भी हल्दी की कीमतों में गिरावट का रुख रहा है।
काली मिर्च
ताजा आवक नहीं होने के कारण काली मिर्च की वायदा कीमतों में उछाल दर्ज किया गया। एनसीडीईएक्स पर काली मिर्च फरवरी वायदा 1.04 फीसदी उछलकर 35,100 रुपये प्रति क्विंटल हो गया। बाजार के जानकारों के मुताबिक केरल में प्रतिकूल मौसम के कारण काली मिर्च की प्रोसेसिंग में देरी हो रही है।

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चालू रबी सीजन में उत्पादक क्षेत्रों में जौ की बुवाई कम होने के कारण इसकी वायदा कीमतों में उछाल दर्ज किया गया है।

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