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मुनाफा किसी कंपनी के लिए उसी तरह है जैसे एक व्यक्ति के लिए ऑक्सीजन।

हेल्थ इंश्योरेंस पोर्टेबिलिटी का लाभ उठाने में कोई हर्ज नहीं

यशीष दहिया | Aug 06, 2013, 01:44AM IST
हेल्थ इंश्योरेंस पोर्टेबिलिटी का लाभ उठाने में कोई हर्ज नहीं

अगर आप अपनी मौजूदा बीमा कंपनी की सेवाओं या उसके प्रोडक्ट से संतुष्ट नहीं हैं तो हेल्थ इंश्योरेंस पोर्टेबिलिटी का लाभ उठा सकते हैं। हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी को दूसरी कंपनी के पास पोर्ट कराने के लिए जरूरी है कि आपकी पॉलिसी जारी हो और लैप्स न हुई हो। नई स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी को लेने के लिए पॉलिसी के नवीनीकरण की तिथि से कम से कम 45 दिन पहले प्रक्रिया शुरू हो जानी चाहिए।

दो साल पहले तक एक खराब स्वास्थ्य बीमा योजना लेने का मतलब उसमें फंस जाना था। धन या लाभ गंवाए बिना इससे बाहर निकलने का कोई जरिया नहीं था। इसलिए उपभोक्ताओं की रक्षा करने और उन्हें सशक्त बनाने के लिए भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण ने स्वास्थ्य बीमा पोर्टेबिलिटी लागू करने के लिए एक अधिसूचना जारी है ताकि उपभोक्ताओं को अपने जमा किए लाभ गंवाए बिना उस बीमाकर्ता के पास बीमा स्थानांतरित करने की आजादी मिल सके जिसे वे बेहतर समझते है।

यह नियम केवल एक बीमाकर्ता से दूसरे बीमाकर्ता के पास जाने तक ही सीमित नहीं है बल्कि आप पुराने बीमाकर्ता के पास किसी अन्य योजना में भी अपना बीमा स्थानांतरित करा सकते हैं।

स्वास्थ्य बीमा पोर्टेबिलिटी के जरिए किसी सामान्य बीमा कंपनी से या विशेष बीमा कंपनी से पॉलिसी की पोर्टिंग की जा सकती है। यह व्यक्तिगत और फ्लोटिंग दोनों तरह की पॉलिसी के मामले में लागू होता है। पोर्टिंग करने पर नए बीमाकर्ता को पुराने बीमाकर्ता की पूर्व शर्तों के लिए प्रतीक्षा अवधि (वेटिंग पीरियड) का लाभ देना होगा।

प्रतीक्षा अवधि के शुरुआती 30 दिनों में जब कोई कवर मुहैया नहीं कराया जाता तो अन्य बीमाकर्ता के पास जाने या नई पॉलिसी लेने पर इसे माफ कर दिया जाएगा। इसके अलावा नए बीमाकर्ता के पास जिस राशि का बीमा कराया जाएगा वह पहले की स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी से कम नहीं हो सकती।

पोर्टेबिलिटी की शर्तें और प्रक्रिया
पोर्टेबिलिटी के लाभ जानने के लिए उन परिस्थितियों को समझना महत्वपूर्ण है जिसके तहत यह संभव है। स्वास्थ्य बीमा पोर्टेबिलिटी केवल नवीनीकरण पर संभव है या अन्य शब्दों में नई बीमा अवधि की शुरुआत में बीमाकर्ता बदला जा सकता है। प्रतीक्षा अवधि के लाभ को छोड़कर किस्त समेत नई पॉलिसी की अन्य सभी शर्तें नई बीमा कंपनी के विवेक पर आधारित हैं।

अन्य बीमाकर्ता या पॉलिसी को चुनने का निर्णय सावधानी से लेना चाहिए। जब एक उपभोक्ता नए बीमाकर्ता के पास जाता है तो उसे नए पॉलिसी धारक की तरह अंकन की सभी प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है। चिकित्सकीय जोखिम का मूल्यांकन पूरा होने के बाद ही बीमा के स्थानांतरण का निर्णय लिया जाएगा।

यह जान लीजिए कि नए बीमाकर्ता के पास अपने लिखित दिशानिर्देशों के आधार पर पॉलिसी को अस्वीकार करने का अधिकार है। ये दिशानिर्देश उपभोक्ता के मौजूदा बीमाकर्ता से अलग हो सकते हैं।

नई स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी को लेने के लिए पॉलिसी के नवीनीकरण की तिथि से कम से कम 45 दिन पहले प्रक्रिया शुरू हो जानी चाहिए। ऐसा पुरानी बीमा कंपनी को स्थानांतरण के लिए पत्र लिखकर किया जा सकता है और यह भी बताएं कि उपभोक्ता किस कंपनी में जाना चाहता है।

पोर्टिंग के लाभ लेने के लिए पॉलिसियों को जारी रखते हुए उनका नवीकरण कराना जरूरी है। उपभोक्ता के नजरिए से पोर्टिंग के कई लाभ हैं। इससे उन्हें अन्य बीमाकर्ता के पास अपनी पॉलिसी ले जाने की स्वीकृति मिलेगी, उन्हें पूर्ववर्ती पॉलिसी के लाभ मिलेंगे और उन्हें अनिरंतरता एवं पहले से मौजूद बीमारी कवर के परिणामी नुकसान से रक्षा मिलेगी।

इसके अलावा उन्हें स्वास्थ्य बीमा मुहैया कराने वालों द्वारा अधिक प्रतिस्पर्धी किस्त मूल्य निर्धारण, दीर्घकाल में उपभोक्ता आधारित सेवाएं, नया प्रोडक्ट प्रपोजल, बीमाकर्ताओं के बीच सूचना के आदान प्रदान के कारण अधिक पारदर्शिता और बोनस को आगे ले जाने आदि के लाभ मिलते हैं।

क्या देखें पोर्ट कराने से पहले?
स्वास्थ्य बीमा पोर्टेबिलिटी के कई लाभ हैं। बीमाधारक को पोर्टिंग को एक पुरानी पॉलिसी को नए बीमाकर्ता के पास ले जाने के रूप में नहीं देखना चाहिए अपितु प्रतीक्षा अवधि के नियम के बिना नई पॉलिसी खरीदने के रूप में देखना चाहिए। पोर्टिंग किस्तों और लाभों के लिहाज़ से उपभोक्ताओं को नई बीमा योजना चुनने का मौका देती है।


इसलिए पोर्टिंग से पहले मौजूदा पॉलिसी के लाभों को समझना और नई पॉलिसी के लाभों से इसकी तुलना करना जरूरी है।

जिन कुछ पैमानों पर तुलना की जा सकती है उनमें लचीलापन, बीमा की राशि की सीमा, कीमत, प्रवेश आयु का प्रतिबंध, नवीकरण की सीमाएं, प्रतीक्षा अवधि, कैपिंग और सह भुगतान नियम, कवर की गई बीमारियां, पहले से मौजूद बीमारियों के लिए नियम और अस्पताल के नेटवर्कों की सूची शामिल है।

और अंत में यही कि यदि पूरी जांच और उचित विचार विमर्श किया जाए तो स्वास्थ्य बीमा पोर्टेबिलिटी उपभोक्ताओं के लिए वरदान साबित होगी।

यशीष दहिया
चीफ एक्जीक्यूटिव ऑफिसर, पॉलिसीबाजार डॉट कॉम

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अगर आप अपनी मौजूदा बीमा कंपनी की सेवाओं या उसके प्रोडक्ट से संतुष्ट नहीं हैं तो हेल्थ इंश्योरेंस पोर्टेबिलिटी का लाभ उठा सकते हैं।

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