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Randy Thurman
एक पैसा बचाने का मतलब दो पैसा कमाना जरूर है लेकिन टैक्स चुकाने के बाद।
चेक बाउंस हुआ, कोर्ट ने कहा 9 लाख जुर्माना भरो

अगली बार आप किसी को चेक दें, तो जरा सोंच समझकर दें। और किसी को भी चेक देने से पहले ये जरूर सुनिश्चित कर लें कि आपके खाते में उतनी रकम है या नहीं, जितने का आपने चेक दिया है। हम ऐसा इस लिए कह रहे हैं क्योंकि दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने चेक बाउंस के एक मामले में 9 लाख रुपए का भारी भरकम जुर्माना लगया है। ये जुर्माना लगाया गया है जज कुमार शेठी नाम के एक शख्स पर। आरोप है कि सेठी ने साल 2003 में सचिन तोमर नाम के एक शख्स से कर्ज के तौर पर 6 लाख रुपए लिए। सेठी ने कुछ महीनों में ही ये पैसा लौटाना का वादा किया। इसके साथ ही सेठी ने सचिन तोमर को 3 लाख रुपए का पोस्ट डेटेड चेक भी दिया। जनवरी 2004 में जब सचिन ने जज कुमार सेठी से आपने पैसे पैसे मांगे तो सेठी ने उन्हे 2 लाख रुपए नकद और 1 लाख रुपए का एक और चेक पकड़ा दिया। 2005 में सचिन ने सेठी द्वारा दिए गए चेक्स को अपने अकाउंट में डाला लेकिन बैंक ने यह कहते हुए चेक लौटा दिया कि अकाउंट में पर्याप्त पैसे नहीं हैं।



इसके बाद जब सचिन ने दोबारा जज कुमार सेठी से बात की तो पहले तो वह टाल मटोल करता रहा लेकिन बाद में पैसे लौटाने से साफ मना करने लगा। जिसके बाद ये मामला कोर्ट में पहुंच गया। अब कोर्ट ने इस मामले में सेठी को 9 लाख रुपए का जुर्माना भरने को कहा है। यही नहीं कोर्ट ने अपने फैसले में ये भी कहा है कि अगर सेठी ने समय पर जुर्माना नहीं भरा तो उसे 10 महीने की कैद भी भुगतनी होगी।



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