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Peter Drucker
मुनाफा किसी कंपनी के लिए उसी तरह है जैसे एक व्यक्ति के लिए ऑक्सीजन।
5 मॉडल जिन्हें नहीं मिली 'डीजल पावर'

पिछले एक साल के दौरान पेट्रोल की कीमतों में हुए लगातार इजाफे का नुकसान उन मॉडल्स को सबसे ज्यादा हुआ जिनमें पेट्रोल के साथ डीजल का विकल्प नहीं था। हालांकि, इसका सबसे ज्यादा नुकसान होंडा कार्स को उठाना पड़ा है क्योंकि कंपनी के पास किसी भी मॉडल में डीजल इंजन मौजूद नहीं है।


लेकिन, इसके अलावा मारुति सुजूकी की हैचबैक कारों जैसे वैगन आर, ए स्टार और एस्टिलो को भी पेट्रोल की बढ़ी कीमतों का खामियाजा उठाना पड़ा है।


वहीं, ह्युंडई की हैचबैक श्रेणी की आई 10 को भी बिक्री के लिहाज से काफी जद्दोजहद करनी पड़ रही है। इसके अलावा जनरल मोटर्स की बीट एक ऐसी कार है जिसमें डीजल वेरिएंट मौजूद है। लेकिन, पेट्रोल की बढ़ी कीमतों का खामियाजा इस कार को भी उठाना पड़ा है।


दरअसल, बीट का पेट्रोल इंजन 1.2 लीटर का है जिससे यह कार बेहद पावरफुल एक्सपीरियेंस देती है। लेकिन, इसका डीजल इंजन 1.0 लीटर क्षमता से लैस है। क्षमता के हिसाब से यह डीजल इंजन बीट को पेट्रोल वेरिएंट के मुकाबले बेहद कम पावर देता है।


लिहाजा, बीट के पेट्रोल वेरिएंट के चाहने वालों की बड़ी संख्या ऐसी रही जिन्होंने इसके डीजल वेरिएंट को तवज्जो नहीं दी। पेश है ऐसे मॉडल्स की फेहरिस्त जिन्हें पेट्रोल की बढ़ी कीमतों का सबसे ज्यादा खामियाजा उठाना पड़ा है-


होंडा सिटी : यह वह नाम है जो दशक भर तक अपनी श्रेणी में सबसे टॉप पर रहा है। लेकिन, भारतीय कार बाजार के डीजल कारों का रुख करने के साथ ही इस मॉडल की चमक फीकी पड़ गई और होंडा कार्स को बिक्री के मोर्चे पर सिटी के साथ काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।


होंडा ब्रियो : कंपनी की यह छोटी कार पेट्रोल वेरिएंट के साथ बाजार में उतारी गई। होंडा की सबसे किफायती कार होने के बावजूद इस कार को उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिल पाई। कारण रहा डीजल वेरिएंट का न होना। इस कार ने ग्राहकों को अपनी ओर खूब आकर्षित किया लेकिन बिक्री के लिहाज से यह कार उतनी बड़ी हिट साबित नहीं हुई जितनी उम्मीद थी। दरअसल, इस कार के लांचिंग के समय पर भारतीय कारों का बाजार तेजी से डीजल मॉडल्स की तरफ रुख कर चुका था। लिहाजा, इस कार को डीजल इंजन की कमी का खामियाजा उठाना पड़ा।


जीएम बीट : जनरल मोटर्स की बीट ने लांचिंग के बाद काफी वाहवाही बटोरी। वजह थी इस कार की बेहतरीन पावर और फ्यूचरइसटिक लुक्स। इस कार को लांचिंग के समय बहुत सराहा गया। लेकिन, फिर बाजार ने डीजल की ओर तेजी से करवट बदली और यह कार बिक्री के मोर्चे पर पिछडऩे लगी। हालांकि, कंपनी ने डीजल इंजन लांच किया लेकिन कम पावर वाला। लिहाजा, पेट्रोल मॉडल के चाहने वाले सभी ग्राहकों ने डीजल वेरिएंट का रुख नहीं किया।


मारुति वैगन आर : मारुति के तमाम मॉडल्स की फेहरिस्त में यह कार ऐसी रही है जो हमेशा बिक्री के मोर्चे पर मारुति के चेहरे पर मुस्कान देती रही है। लेकिन, भारतीय कार बाजार के तेजी से डीजल मॉडल्स की तरफ रुख करने के बाद यह कार भी अपनी बादशाहत कायम नहीं रख सकी। वैगन आर में डीजल वेरिएंट की कमी का असर इसकी बिक्री में नजर आया।


ह्युंडई आई 10 : देश की दूसरी सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी ह्युंडई मोटर इंडिया लिमिटेड की सफलतम हैचबैक आई 10 में डीजल की कमी बिक्री के आंकड़ों में साफ तौर पर नजर आ रही है। इस मॉडल में डीजल इंजन की कमी के चलते इसकी बिक्री में नुकसान उठाना पड़ रहा है।

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